स्कूली किताबों का वजन तय, कक्षा दो तक होमवर्क नहीं

Gorakhpur Bureauगोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 27 Nov 2018 01:51 AM IST
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स्कूली बैग का वजन तय, कक्षा दो तक होमवर्क नहीं
पहली बार तय किया गया, नए सत्र से लागू होगा नियम
कक्षा एक-दो में अतिरिक्त विषय या भाषा की पढ़ाई पर भी रोक
बदला नियम सभी स्टेट बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई के स्कूलों पर लागू होगा
संतोष सिंह
गोरखपुर। कक्षा एक से दसवीं तक स्कूली बैग का वजन तय कर दिया गया है। ऐसा पहली बार किया गया है। बैग का अधिकतम वजन पांच किलोग्राम होगा। कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को होमवर्क देने पर मनाही है। इस सिलसिले में मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जारी सर्कुलर जिले के 122 सीबीएसई और सीआईएससीई के प्रबंधक, प्रिंसिपल के पास पहुंच गया है। नई नियमावली का अनुपालन शैक्षिक सत्र 2019-20 से सुनिश्चित कराया जाएगा।
स्कूली बैग और किताबों का वजन कम कराने की मुहिम लंबे समय से चल रही थी। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) ने भी स्कूली बैग के वजन को खतरनाक बताते हुए इसे कम करने की मांग की थी। कहा था कि ज्यादा वजन का असर बच्चों के हड्डियों पर पड़ रहा है। अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कक्षा एक से दसवीं तक के विद्यार्थियों के स्कूली बैग का वजन तय कर दिया है। मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ एजूकेशन के सचिव ए. हमजा ने 20 नवंबर को जारी आदेश में कहा है कि अतिरिक्त किताब, स्टडी मैटेरियल खरीदने का दबाव किसी विद्यार्थी पर नहीं डाला जाएगा। बैग और उसकी किताबों का जो वजन तय है, उसी हिसाब से पढ़ाई कराई जाएगी। बदला नियम सभी स्टेट बोर्ड, सीबीएसई और सीआईएससीई के स्कूलों पर लागू होगा।

अतिरिक्त विषय और भाषा की पढ़ाई पर भी रोक
कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त विषय या फिर भाषा की पढ़ाई का दबाव नहीं डाला जाएगा। कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों को मैथमेटिक्स के साथ इनवायरमेंटल साइंस (ईवीएस) की पढ़ाई की छूट है। एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने की अनुमति दी गई है।

इनसेट
ये है मानक
कक्षा स्कूल वैग का वजन (किलोग्राम में)
1-2 1.5
3-5 2.3
5-6 4
7-9 4.5
10 5

शहर के 3400 से ज्यादा स्कूल
गोरखपुर में सीबीएसई के 94 स्कूल हैं। सीआईएससीई के 18 विद्यालयों में पढ़ाई कराई जाती है। यूपी सरकार की देखरेख में 2900 से ज्यादा प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं। यूपी बोर्ड से संबद्ध 446 स्कूल हैं। अब यूपी के स्कूलों में भी एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जा रही हैं।

बॉटल, टिफिन का वजन भी कम होगा : शाही
गोरखपुर। गोरखपुर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का सर्कुलर आ गया है। इसका अनुपालन नए शैक्षिक सत्र 2019-20 से सुनिश्चित कराया जाएगा। किताबों के साथ ही स्कूल बैग, पानी की बॉटल, टिफिन का वजन भी कम कराने की कोशिश होगी। माता-पिता के साथ बैठक कर कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को होमवर्क न देने पर चर्चा होगी। हर हाल में नियमों के हिसाब से पढ़ाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

फैसला अच्छा, सख्ती से हो अनुपालन
स्कूल बैग का वजन तय करके बहुत अच्छा किया गया। इससे बच्चों का तनाव कम होगा। बच्चे अच्छे से अपने पाठ्यक्रम को समझ सकेंगे। स्कूल से लौटते वक्त वो बीमार जैसे नहीं दिखेंगे। शासन-प्रशासन को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन कराना चाहिए। यह भी देखना होगा कि इस आदेश को लागू किया जाएगा या फिर यह सिर्फ कागजी आदेश बनकर ही रह जाएगा।
आशा सिंह, अभिभावक, बिलंदपुर
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