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जिला अस्पताल में नहीं हो रही मरीजाें की जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 04 Apr 2018 08:30 PM IST
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जिला अस्पताल।
- फोटो : Amar Ujala
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जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब एसआरएल में चार दिन से मरीजों की जांच ठप हैं। एक अप्रैल को करार खत्म होने के चलते फर्म ने काम समेट लिया है। वहीं जिस नई फर्म को अनुबंध हासिल हुआ है, उसका चार दिन बाद भी पता नहीं है।
हर रोज 1500 से दो हजार मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में आते हैं। इनमें से करीब 100 लोगों को चिकित्सक कई तरह की जांचें कराने के लिए कहते हैं। क्षेत्रीय निदान केंद्र स्थित एसआरएल डायग्नोस्टिक सेंटर में थायराइड, टीएलसी-डीएलसी, एचबी-1सी, क्रिटनिन, विटामिन आदि की जांच मुफ्त में होती थीं। अब यही जांच बाहर कराने पर मरीजों को पांच से तीन हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। एसआरएल को दो साल के लिए जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र में लैब संचालन की जिम्मेदारी मिली थी। अप्रैल 2016 से फर्म ने यहां काम शुरू किया था। 31 मार्च को फर्म का अनुबंध समाप्त हो गया। इसके साथ ही लैब बंद कर दी गई। अब स्वास्थ्य विभाग ने नई फर्म से करार किया है, लेकिन नई फर्म अब तक अस्पताल नहीं पहुंची है।
एसआरएल का करार 31 मार्च तक था। अवधि खत्म होने पर फर्म ने काम ठप कर दिया। नई फर्म से करार हो चुका है। लेकिन अभी वह फर्म आई नहीं है। गुरुवार को लखनऊ में बैठक होनी है। उसमें यह बात रखी जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही नई फर्म काम शुरू कर देगी।
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- डॉ. राजकुमार गुप्ता, एसआईसी, जिला अस्पताल
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हर रोज 1500 से दो हजार मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में आते हैं। इनमें से करीब 100 लोगों को चिकित्सक कई तरह की जांचें कराने के लिए कहते हैं। क्षेत्रीय निदान केंद्र स्थित एसआरएल डायग्नोस्टिक सेंटर में थायराइड, टीएलसी-डीएलसी, एचबी-1सी, क्रिटनिन, विटामिन आदि की जांच मुफ्त में होती थीं। अब यही जांच बाहर कराने पर मरीजों को पांच से तीन हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। एसआरएल को दो साल के लिए जिला अस्पताल के क्षेत्रीय निदान केंद्र में लैब संचालन की जिम्मेदारी मिली थी। अप्रैल 2016 से फर्म ने यहां काम शुरू किया था। 31 मार्च को फर्म का अनुबंध समाप्त हो गया। इसके साथ ही लैब बंद कर दी गई। अब स्वास्थ्य विभाग ने नई फर्म से करार किया है, लेकिन नई फर्म अब तक अस्पताल नहीं पहुंची है।
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एसआरएल का करार 31 मार्च तक था। अवधि खत्म होने पर फर्म ने काम ठप कर दिया। नई फर्म से करार हो चुका है। लेकिन अभी वह फर्म आई नहीं है। गुरुवार को लखनऊ में बैठक होनी है। उसमें यह बात रखी जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही नई फर्म काम शुरू कर देगी।
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- डॉ. राजकुमार गुप्ता, एसआईसी, जिला अस्पताल