फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   यूपी में बीटीसी, एनटीटी कॉलेजों की संबद्धता पर रोक

यूपी में बीटीसी, एनटीटी कॉलेजों की संबद्धता पर रोक

Thu, 28 Sep 2017 01:11 AM IST
Updated Thu, 28 Sep 2017 01:11 AM IST
विज्ञापन
यूपी में बीटीसी, एनटीटी कॉलेजों की संबद्धता पर रोक

विज्ञापन
संतोष सिंह
गोरखपुर।
यूपी सरकार ने बीटीसी (डीएलएड) और एनटीटी (डीपीएसई) कॉलेज की संबद्धता पर रोक लगा दी है। यह रोक शैक्षिक सत्र 2018-19 से अगले पांच सालों तक जारी रहेगी। किसी भी नए कॉलेज को संबद्धता का नान आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं दिया जाएगा। सरकार ने नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) के चेयरमैन को पत्र लिखकर कहा है कि यूपी में नए बीटीसी, एनटीटी कॉलेजों को मान्यता न दी जाए। ऐसा नहीं हुआ तो कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
बीटीसी और एनटीटी कॉलेजों की संबद्धता पर रोक की सूचना अपर मुख्य सचिव राज प्रताप सिंह ने 15 सितंबर 2017 को कमिश्नर गोरखपुर अनिल कुमार, डीएम राजीव रौतेला, सीडीओ अनुज सिंह और बीएसए को भेजी है। इन कॉलेजों की संबद्धता की एनओसी कमिश्नर की अगुवाई वाली कमेटी ही जारी करती है। यही दिशा निर्देश यूपी के सभी मंडल, जिला मुख्यालयों को भेजे गए हैं। अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि यूपी सरकार का पूरा ध्यान शैक्षिक, शोध की गुणवत्ता सुधारने पर है। इसके लिए प्राथमिक स्कूलों में खाली शिक्षकों के पद भरे जाएंगे। अभी प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में नए कॉलेज खोलने की जरूरत नहीं है। प्रशिक्षण के बाद रोजगार नहीं मिला तो कानून-व्यवस्था प्रभावित होगी। आए दिन धरना-प्रदर्शन होंगे।
विज्ञापन


संबद्धता न देने को गिनाएं ये कारण

प्रशिक्षणार्थियों की संख्या ने डराया
एक- यूपी से हर साल बीटीसी के दो लाख 11 हजार 950 अभ्यर्थी निकलेंगे। इसके विपरीत प्राथमिक स्कूलों में हर साल शिक्षकों के 10 हजार 595 पद खाली होने की संभावना है। मांग और आपूर्ति का बड़ा अंतर डराने वाला है। यह भविष्य में चुनौती बढ़ा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मांग से चार गुना ज्यादा प्रशिक्षित अभ्यर्थी
दो- शिक्षा पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2017 में 10 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन फार्म भरे हैं। इसका मतलब है कि प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की संख्या मांग से चार गुना ज्यादा है।

सात साल में खुले 2745 कॉलेज
तीन- शैक्षिक सत्र 2011-12 से 2017-18 के बीच यूपी में 2745 निजी बीटीसी कॉलेज खुल चुके हैं। इनमें बीटीसी की दो लाख एक हजार 400 सीटें हैं। 65 सरकारी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) हैं। इनकी 10550 सीटें हर साल भरी जाती हैं।


सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक कम
चार- सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों का समायोजन सुप्रीम कोर्ट से निरस्त होने के बाद शिक्षकों के लगभग 1 लाख 37 हजार पद खाली होंगे। इन्हें नियमानुसार भरा जाएगा। वर्ष 2012 के बीद शिक्षकों के करीब दो लाख पद भरे गए हैं। इसका मतलब है कि अगले पांच साल में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की संख्या कम होगी। ऐसे में ज्यादा अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देना उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed