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चाबी लेकर भागे कर्मचारियों की पुलिस से शिकायत
Updated Wed, 06 Sep 2017 01:52 AM IST
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गोरखपुर।
बीआरडी कांड के आरोपी दो लिपिकों के चाभी लेकर भागने की शिकायत प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने पुलिस से की है। प्राचार्य की तहरीर के बाद बीआरडी कांड के इन दो आरोपियों पर इसे लेकर भी एफआईआर दर्ज हो सकती है। मंगलवार को इसकी भनक लगने पर एक लिपिक ने अपनी चाभी भेजी, लेकिन इसे रिसीव करने से उनकी जगह तैनात बाबू ने इन्कार कर दिया। इसे लेकर एक वरिष्ठ से उनकी नोकझोंक भी हो गई।
मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच हुई मौतों के मामले में केस दर्ज होने पर लिपिक उदय और सुधीर चाभी अपने साथ लेकर भूमिगत हो गए। इससे मेडिकल कॉलेज में जरूरी काम नहीं हो पा रहे थे। पूर्व में प्राचार्य ने चेताया था कि अगर आरोपी लिपिकों ने चाभी जल्द नहीं भेजवाई तो उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की जाएगी। सोमवार को उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी। इसके बाद मंगलवार सुबह वित्त विभाग के एक अधिकारी तक उदय के आलमारी की चाभी पहुंचाई गई। इसे बाबू को देते हुए उन्होंने आलमारी खोलने का निर्देश दिया, लेकिन बाबू ने मना कर दिया। चाभी लौटाते हुए कहा कि उक्त बाबू के खिलाफ केस दर्ज है। ऐसे में उसकी आलमारी वह कैसे खोलें, अगर कोई फाइल गायब मिली तो किसकी जिम्मेदारी होगी। फिर भी उनके वरिष्ठ नहीं माने तो बाबू ने उन्हें खुद ही आलमारी खोलने के लिए कहा। इसे लेकर दोनों में नोकझाेंक शुरू हो गई। हालांकि, अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया।
बीआरडी कांड के आरोपी दो लिपिकों के चाभी लेकर भागने की शिकायत प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने पुलिस से की है। प्राचार्य की तहरीर के बाद बीआरडी कांड के इन दो आरोपियों पर इसे लेकर भी एफआईआर दर्ज हो सकती है। मंगलवार को इसकी भनक लगने पर एक लिपिक ने अपनी चाभी भेजी, लेकिन इसे रिसीव करने से उनकी जगह तैनात बाबू ने इन्कार कर दिया। इसे लेकर एक वरिष्ठ से उनकी नोकझोंक भी हो गई।
मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच हुई मौतों के मामले में केस दर्ज होने पर लिपिक उदय और सुधीर चाभी अपने साथ लेकर भूमिगत हो गए। इससे मेडिकल कॉलेज में जरूरी काम नहीं हो पा रहे थे। पूर्व में प्राचार्य ने चेताया था कि अगर आरोपी लिपिकों ने चाभी जल्द नहीं भेजवाई तो उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की जाएगी। सोमवार को उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी। इसके बाद मंगलवार सुबह वित्त विभाग के एक अधिकारी तक उदय के आलमारी की चाभी पहुंचाई गई। इसे बाबू को देते हुए उन्होंने आलमारी खोलने का निर्देश दिया, लेकिन बाबू ने मना कर दिया। चाभी लौटाते हुए कहा कि उक्त बाबू के खिलाफ केस दर्ज है। ऐसे में उसकी आलमारी वह कैसे खोलें, अगर कोई फाइल गायब मिली तो किसकी जिम्मेदारी होगी। फिर भी उनके वरिष्ठ नहीं माने तो बाबू ने उन्हें खुद ही आलमारी खोलने के लिए कहा। इसे लेकर दोनों में नोकझाेंक शुरू हो गई। हालांकि, अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया।
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