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अफसर आए न ग्रामीण कागज में न पिटा मेला
Updated Wed, 14 Jun 2017 10:48 PM IST
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बर्डपुर (सिद्धार्थनगर )। पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित अंत्योदय मेला स्थानीय ब्लॉक में पूरी तरह फ्लाप रहा। मेले के तीसरे दिन न अफसर आए और न कोई ग्रामीण। मेले में कुल छह लोग उपस्थित हुए जिन्होंने कागजी कोरम पूरा कर मेले को संपन्न करा दिया। केंद्र व प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा के शीर्ष पुरुष की याद में आयोजित अंत्योदय मेले के प्रति अफसरों की बेरुखी से हर कोई हैरत में है।
तीन दिवसीय अंत्योदय मेले में हर दिन के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत व जलनिगम के निर्देशन में दूसरे दिन मेला पूरी तरह फ्लाप रहा। मेले के तीसरे दिन की जिम्मेदारी शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास, समाज कल्याण विभाग को जिम्मेदारी दी गई थी। भारी-भरकम कर्मचारी समूह वाले इन विभागों के आयोजन में कुल छह लोग ही आ सके। इसमें एक खुद बीईओ थे। बाल विकास, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों से न अफसर आए थे और न ही अधीनस्थ कर्मचारी। उपस्थित छह लोगों ने कागजी कोरम पूरा कर मेले के समापन की औपचारिकता पूरी कर ली। मेले में संख्या बल न आने के बाबत खंड शिक्षाधिकारी से पूछा गया तो उनकी दलील थी कि उनके विभाग से संबंधित लोग आए थे। अन्य विभाग की सहभागिता नहीं रही। पूरे ब्लाक में शिक्षा विभाग से सिर्फ छह सदस्यों की उपस्थिति के सवाल पर वह निरुत्तर थे। इस संबंध में नोडल अधिकारी संतोष सिंह ने बताया कि वह मीटिंग में जिला मुख्यालय चले आए हैं। मेले का आयोजन क्यों नहीं हुआ इस बारे में पता करेंगे।
तीन दिवसीय अंत्योदय मेले में हर दिन के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। पंचायत व जलनिगम के निर्देशन में दूसरे दिन मेला पूरी तरह फ्लाप रहा। मेले के तीसरे दिन की जिम्मेदारी शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास, समाज कल्याण विभाग को जिम्मेदारी दी गई थी। भारी-भरकम कर्मचारी समूह वाले इन विभागों के आयोजन में कुल छह लोग ही आ सके। इसमें एक खुद बीईओ थे। बाल विकास, स्वास्थ्य सहित अन्य विभागों से न अफसर आए थे और न ही अधीनस्थ कर्मचारी। उपस्थित छह लोगों ने कागजी कोरम पूरा कर मेले के समापन की औपचारिकता पूरी कर ली। मेले में संख्या बल न आने के बाबत खंड शिक्षाधिकारी से पूछा गया तो उनकी दलील थी कि उनके विभाग से संबंधित लोग आए थे। अन्य विभाग की सहभागिता नहीं रही। पूरे ब्लाक में शिक्षा विभाग से सिर्फ छह सदस्यों की उपस्थिति के सवाल पर वह निरुत्तर थे। इस संबंध में नोडल अधिकारी संतोष सिंह ने बताया कि वह मीटिंग में जिला मुख्यालय चले आए हैं। मेले का आयोजन क्यों नहीं हुआ इस बारे में पता करेंगे।
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