फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में परास्नातक के चार नए कोर्स

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में परास्नातक के चार नए कोर्स

Sun, 26 May 2019 12:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 26 May 2019 12:55 AM IST
विज्ञापन
प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में परास्नातक के चार नए कोर्स
education
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में शैक्षिक सत्र 2019-20 से परास्नातक के चार नए कोर्स की पढ़ाई होगी। इसकी मंजूरी शनिवार को एकेडमिक काउंसिल से मिल गई है। जल्द ही भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान, गणित एवं वैज्ञानिक संगणन, रसायन एवं पर्यावरण विज्ञान और मानविकी एवं प्रबंध विज्ञान पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। काउंसिल के मुताबिक अब प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में विभागों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। पहले सात विभागों की दाखिला प्रक्रिया पूरी की जाती थी।
विज्ञापन


एकेडमिक काउंसिल की 16वीं बैठक शनिवार को स्वर्ण जयंती सभागार में हुई। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने पर मुहर लगाई गई है। शैक्षिक सत्र 2019-20 से ही व्यवस्था लागू होगी। इसके लिए स्नातक और परास्नातक कोर्स की सीटें बढ़ा दी गई हैं। प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अभिजीत मिश्र ने बताया कि बीटेक अलग-अलग कोर्स की 180 सीटें बढ़ाई गईं हैं। अब 720 की जगह 900 सीटें भरी जाएंगी। बीबीए, एमबीए और एमसीए की 15-15 सीटें बढ़ी हैं। नए शैक्षिक सत्र से 60 की जगह 75 सीटें भरी जाएंगी। एमएससी भौतिकी में 30 की जगह 38 और एमएससी गणित में 30 की जगह 37 सीटें भरी जाएंगी। कक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता को जस का तस रखा गया है। इससे कम उपस्थिति हुई तो परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा।
विज्ञापन

पीएचडी अध्यादेश में भी बदलाव

एमएमएमयूटी की एकेडमिक काउंसिल ने पीएचडी अध्यादेश में भी बदलाव कर दिया है। अब पीएचडी के पूर्णकालिक अभ्यर्थी दो साल में शोध प्रबंध जमा कर सकेंगे। इससे पहले शोध प्रबंध जमा करने की समयसीमा तीन साल रखी गई थी। अंशकालिक पीएचडी के अभ्यर्थियों को राहत मिली है। अभ्यर्थी यदि सभी मानक पूरा करते हैं तो वे साढ़े तीन साल में ही शोध प्रबंध जमा कर सकेंगे। अभी शोध प्रबंध जमा करने की समयसीमा चार साल तय थी। विशेष परिस्थिति में शोध प्रबंध तीन साल में जमा किया जा सकेगा। इसके लिए प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed