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नेपाल से छोड़ा 1.75 लाख क्यूसेक पानी, नदियों में उफान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:30 AM IST
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नेपाल ने पानी छोड़ा, उफनाई राप्ती नदी।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। नेपाल के बाल्मीकि बैराज से एक लाख 75 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने, पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से नदियां उफान पर हैं। बड़हलगंज से गुजरने वाली घाघरा नदी खतरे का निशान पार कर गई है। कई गांवों में पानी घुस गया है। आसपास के बंधों पर जबरदस्त दबाव है। गंडक नदी भी उफना गई है। राप्ती का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी बाले के मैदान तक पहुंच गया है।
बाल्मीकि बैराज से पानी छोड़ने से गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कटान तेज हो गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत कुशीनगर में है। अमवाखास, छितैानी, अहिरौली दान एवं नरवाजोत तटबंध पर पानी का जबरदस्त दबाव है। इसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। सिंचाई विभाग की टीम लगातार मानीटरिंग कर रही है। गंडक के साथ ही कुआनो नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। घाघरा के उफनाने से बड़हलगंज के मुक्तिपथ पर कटान शुरू हो गई है। जहां पानी का दबाव है, वहां मरम्मत का काम कराया जा रहा है।
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बाल्मीकि बैराज से पानी छोड़ने से गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कटान तेज हो गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत कुशीनगर में है। अमवाखास, छितैानी, अहिरौली दान एवं नरवाजोत तटबंध पर पानी का जबरदस्त दबाव है। इसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। सिंचाई विभाग की टीम लगातार मानीटरिंग कर रही है। गंडक के साथ ही कुआनो नदी भी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। घाघरा के उफनाने से बड़हलगंज के मुक्तिपथ पर कटान शुरू हो गई है। जहां पानी का दबाव है, वहां मरम्मत का काम कराया जा रहा है।
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