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सात एसडीएम सहित कई अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि
Updated Wed, 07 Jun 2017 01:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जन शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली पर सीएम की सख्ती के बाद मंगलवार की देर शाम जिले के तमाम अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिर गई। डीएम राजीव रौतेला ने सभी एसडीएम समेत 20 से अधिक अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इनमें डीएसओ, बीएसए, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, डीपीआरओ, पीडी ग्राम्य विकास विभाग, पीओ डूडा समेत कई विभागों के अफसर शामिल है। डीएम ने सभी को चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर अगर सभी समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित पर और कड़ी कार्रवाई होगी। कार्रवाई की जद में पुलिस विभाग के भी अफसर हैं। उनपर कार्रवाई के लिए डीएम ने एसपी सिटी गणेश साहा को निर्देश दिया।
सीएम के जवाब तलब करने से खफा डीएम राजीव रौतेला ने पहले तहसील दिवस में अफसरों को चेतावनी दी फिर रात साढ़े आठ बजे आनलाइन शिकायतों की समीक्षा बैठक बुला ली। विकास भवन में करीब एक घंटे तक चली इस बैठक के दौरान जिले में 1700 से अधिक शिकायतें लंबित मिलीं। इनमें मुख्यमंत्री संदर्भ से लेकर राजस्व परिषद, तहसील दिवस, समाधान दिवस, कमिश्नर आदि से जुड़े संदर्भ शामिल हैं। पिछले महीने में भी डीएम ने जिला परिषद सभागार में पुलिस और प्रशासन समेत सभी विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर आनलाइन लंबित मामलों की समीक्षा की थी। सभी अफसरों को उनसे जुड़े लंबित मामलों की जानकारी देते हुए तीन दिन के भीतर सभी के निस्तारण की चेतावनी दी थी। यही नहीं, सर्वाधिक लंबित शिकायतों पर डीएम ने डीपीआरओ, डीएसओ, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, तीन तहसीलों के एसडीएम समेत 12 अफसरों का वेतन भी रोक दिया था।
गुणवत्ता खराब मिली तो नपेंगे अफसर
गोरखपुर। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि जिले में चल रहे सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए। जांच के दौरान अगर किसी भी काम की गुणवत्ता खराब मिली तो संबंधित का वेतन रोकने के साथ ही उसे प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। निर्माण कार्य में देरी पर उन्होंने सीएनडीएस यूनिट 19 के अफसर से स्पष्टीकरण देने को कहा। उन्होंने बीएसए को सभी स्कूलों में पौधरोपण कराने का निर्देश दिया। कौशल विकास मिशन की समीक्षा के दौरान प्रगति खराब मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने जननी सुरक्षा योजना, पेंशन योजना, हौसला पोषण मिशन की भी समीक्षा की।
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गोरखपुर। जन शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली पर सीएम की सख्ती के बाद मंगलवार की देर शाम जिले के तमाम अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिर गई। डीएम राजीव रौतेला ने सभी एसडीएम समेत 20 से अधिक अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। इनमें डीएसओ, बीएसए, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, डीपीआरओ, पीडी ग्राम्य विकास विभाग, पीओ डूडा समेत कई विभागों के अफसर शामिल है। डीएम ने सभी को चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर अगर सभी समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित पर और कड़ी कार्रवाई होगी। कार्रवाई की जद में पुलिस विभाग के भी अफसर हैं। उनपर कार्रवाई के लिए डीएम ने एसपी सिटी गणेश साहा को निर्देश दिया।
सीएम के जवाब तलब करने से खफा डीएम राजीव रौतेला ने पहले तहसील दिवस में अफसरों को चेतावनी दी फिर रात साढ़े आठ बजे आनलाइन शिकायतों की समीक्षा बैठक बुला ली। विकास भवन में करीब एक घंटे तक चली इस बैठक के दौरान जिले में 1700 से अधिक शिकायतें लंबित मिलीं। इनमें मुख्यमंत्री संदर्भ से लेकर राजस्व परिषद, तहसील दिवस, समाधान दिवस, कमिश्नर आदि से जुड़े संदर्भ शामिल हैं। पिछले महीने में भी डीएम ने जिला परिषद सभागार में पुलिस और प्रशासन समेत सभी विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर आनलाइन लंबित मामलों की समीक्षा की थी। सभी अफसरों को उनसे जुड़े लंबित मामलों की जानकारी देते हुए तीन दिन के भीतर सभी के निस्तारण की चेतावनी दी थी। यही नहीं, सर्वाधिक लंबित शिकायतों पर डीएम ने डीपीआरओ, डीएसओ, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग, तीन तहसीलों के एसडीएम समेत 12 अफसरों का वेतन भी रोक दिया था।
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गुणवत्ता खराब मिली तो नपेंगे अफसर
गोरखपुर। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान डीएम ने कहा कि जिले में चल रहे सभी निर्माण कार्य समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए। जांच के दौरान अगर किसी भी काम की गुणवत्ता खराब मिली तो संबंधित का वेतन रोकने के साथ ही उसे प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। निर्माण कार्य में देरी पर उन्होंने सीएनडीएस यूनिट 19 के अफसर से स्पष्टीकरण देने को कहा। उन्होंने बीएसए को सभी स्कूलों में पौधरोपण कराने का निर्देश दिया। कौशल विकास मिशन की समीक्षा के दौरान प्रगति खराब मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने जननी सुरक्षा योजना, पेंशन योजना, हौसला पोषण मिशन की भी समीक्षा की।
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