{"_id":"59d3eaa94f1c1b9d538b588b","slug":"141507060393-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याओं के निस्तारण में 12 से 41वें पायदान पर पहुंचा गोरखपुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याओं के निस्तारण में 12 से 41वें पायदान पर पहुंचा गोरखपुर
Updated Wed, 04 Oct 2017 01:23 AM IST
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खजनी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के छह महीने का कार्यकाल बीत जाने के बाद खुद उनके जिले के अफसरों की सुस्ती नहीं टूट रही। शासन स्तर पर समस्याओं के निस्तारण की हुई समीक्षा में गोरखपुर 12वें स्थान से खिसककर 41वें पायदान पर पहुंच गया है। डीएम राजीव रौतेला ने मंगलवार को खजनी तहसील दिवस के दौरान खुद अपने मातहतों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने इस लापरवाही पर अफसरों को जमकर फटकारा। कहा, सुधर जाएं वर्ना कार्रवाई तय है। जनसमस्याओं का तेजी से पारदर्शितापूर्ण समाधान नहीं हुआ तो संबंधित विभागों के अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फरियादियों की समस्याएं जानने के लिए उन्होंने अफसरों को मौके पर जाकर उसका निवारण करने को कहा।
उधर, तहसील दिवस में डीएम की मौजूदगी को लेकर अफसर आम तहसील दिवस के तुलना में मंगलवार को ज्यादा सक्रिय दिखे। डीएम के पास पहुंचने के पहले ही संबंधित विभाग के अफसर फरियादियों की समस्याओं की स्क्रीनिंग कर ले रहे थे। छोटे-छोटे मामलों के निस्तारण तहसील सभागार के बाहर ही कर दिया जा रहा था। जो बड़े मामले थे वे ही डीएम तक पहुंच पा रहे थे। उसमें भी जवाब देने के लिए अफसर पहले ही अभ्यास करते दिखाई पड़े। तहसील दिवस में 153 मामले आए जिनमें से मौके पर सिर्फ आठ का ही समाधान हो सका। बाकी मामलों को डीएम ने संबंधित विभाग के अफसरों को सात दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसील क्षेत्र में अवैध निर्माण की बढ़ती शिकायतों पर डीएम ने एसडीएम खजनी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई को कहा।
साल भर से नहीं साफ करा सके नाली
तहसील दिवस में पहुंची बलुआ उर्फ बलुसड गांव की उर्मिला सिंह ने बताया कि उनके घर के पास चौड़ा नाला है, जिसमें लोगों के घरों का गंदा पानी बहता है। साफ-सफाई न होने से बच्चे बीमार हो जा रहे हैं। सात जून 2016 से फरियाद करती आ रही हैं। एक बार मौके पर जेई पहुंचे थे, बताया कि बहुत खर्च लगेगा। फिर कोई झांकने तक नहीं आया।
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चहारदीवारी के निर्माण में धांधली का आरोप
बेलघाट के बरौली गांव के निवासी ओमप्रकाश राय ने प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने स्कूल की बाउंड्री निर्माण में धांधली की। यही नहीं, यह भी आरोप लगाया कि प्रधान, प्रधानमंत्री आवास में अपात्रों को आवास देकर सभी लाभार्थियों से 20 हजार ले रहे हैं। इसी तरह मनरेगा, पेंशन और सार्वजनिक मार्ग के निर्माण में धांधली हो रही है। कई बार शिकायत की मगर सिर्फ आश्वासन मिला।
खाद्यान्न बेच दे रहा कोटेदार
बेलघाट के ही सोपाई गांव के शंकर ने आधा दर्जन ग्रामीणों के साथ प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि गांव के कोटेदार ट्राली पर लादकर खाद्यान्न बेचने ले जा रहे थे। ग्रामीणों ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने ट्राली समेत उसे पकड़ भी लिया। इसके बाद से ही कोटेदार राशन नहीं दे रहा। विरोध करने पर धमकी देने लगता है। जांच में कोटेदार दोषी भी पाया गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
छह महीने से दे रहे प्रार्थनापत्र
कस्बा निवासी कमलेश वर्मा ने शिकायत की कि जलनिकासी की समस्या को लेकर वह छह महीने से तहसील से लेकर मुख्यालय तक प्रार्थनापत्र दे रहे मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसपर डीएम ने बीएसए, बीडीओ खजनी और जेई आरईएस की टीम बनाकर उन्हें मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए।
स्वच्छता वैन रवाना की
खजनी। तहसील दिवस के पूर्व डीएम ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए तहसील मुख्यालय से एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सूचना विभाग की तरफ से चलाए जा रहे वैन के माध्यम से जिले के सभी तहसीलों में लोगों सरकार की योजनाओं, महिला सुरक्षा आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
उधर, तहसील दिवस में डीएम की मौजूदगी को लेकर अफसर आम तहसील दिवस के तुलना में मंगलवार को ज्यादा सक्रिय दिखे। डीएम के पास पहुंचने के पहले ही संबंधित विभाग के अफसर फरियादियों की समस्याओं की स्क्रीनिंग कर ले रहे थे। छोटे-छोटे मामलों के निस्तारण तहसील सभागार के बाहर ही कर दिया जा रहा था। जो बड़े मामले थे वे ही डीएम तक पहुंच पा रहे थे। उसमें भी जवाब देने के लिए अफसर पहले ही अभ्यास करते दिखाई पड़े। तहसील दिवस में 153 मामले आए जिनमें से मौके पर सिर्फ आठ का ही समाधान हो सका। बाकी मामलों को डीएम ने संबंधित विभाग के अफसरों को सात दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान तहसील क्षेत्र में अवैध निर्माण की बढ़ती शिकायतों पर डीएम ने एसडीएम खजनी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई को कहा।
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साल भर से नहीं साफ करा सके नाली
तहसील दिवस में पहुंची बलुआ उर्फ बलुसड गांव की उर्मिला सिंह ने बताया कि उनके घर के पास चौड़ा नाला है, जिसमें लोगों के घरों का गंदा पानी बहता है। साफ-सफाई न होने से बच्चे बीमार हो जा रहे हैं। सात जून 2016 से फरियाद करती आ रही हैं। एक बार मौके पर जेई पहुंचे थे, बताया कि बहुत खर्च लगेगा। फिर कोई झांकने तक नहीं आया।
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चहारदीवारी के निर्माण में धांधली का आरोप
बेलघाट के बरौली गांव के निवासी ओमप्रकाश राय ने प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने स्कूल की बाउंड्री निर्माण में धांधली की। यही नहीं, यह भी आरोप लगाया कि प्रधान, प्रधानमंत्री आवास में अपात्रों को आवास देकर सभी लाभार्थियों से 20 हजार ले रहे हैं। इसी तरह मनरेगा, पेंशन और सार्वजनिक मार्ग के निर्माण में धांधली हो रही है। कई बार शिकायत की मगर सिर्फ आश्वासन मिला।
खाद्यान्न बेच दे रहा कोटेदार
बेलघाट के ही सोपाई गांव के शंकर ने आधा दर्जन ग्रामीणों के साथ प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि गांव के कोटेदार ट्राली पर लादकर खाद्यान्न बेचने ले जा रहे थे। ग्रामीणों ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने ट्राली समेत उसे पकड़ भी लिया। इसके बाद से ही कोटेदार राशन नहीं दे रहा। विरोध करने पर धमकी देने लगता है। जांच में कोटेदार दोषी भी पाया गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
छह महीने से दे रहे प्रार्थनापत्र
कस्बा निवासी कमलेश वर्मा ने शिकायत की कि जलनिकासी की समस्या को लेकर वह छह महीने से तहसील से लेकर मुख्यालय तक प्रार्थनापत्र दे रहे मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसपर डीएम ने बीएसए, बीडीओ खजनी और जेई आरईएस की टीम बनाकर उन्हें मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए।
स्वच्छता वैन रवाना की
खजनी। तहसील दिवस के पूर्व डीएम ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए तहसील मुख्यालय से एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सूचना विभाग की तरफ से चलाए जा रहे वैन के माध्यम से जिले के सभी तहसीलों में लोगों सरकार की योजनाओं, महिला सुरक्षा आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।