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जूनियर डॉक्टरों पर नवजात का शव बदलने का आरोप, हंगामा
Updated Mon, 07 Aug 2017 02:00 AM IST
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गोरखपुर। कुशीनगर के रहने वाले दंपती ने मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों पर नवजात को बदलने का आरोप लगाया है। दंपती का कहना है कि उन्हें दूसरे बच्चे का शव सौंप दिया गया। कुशीनगर से शव लेकर वापस लौटे दंपती ने एनएनयू में जमकर हंगामा किया। डॉक्टरों ने इसे चूक बताते हुए घरवालों को समझाकर कुशीनगर रवाना कर दिया।
कुशीनगर के पडरौना स्थित खिरकिया के श्रीनिवास की पत्नी गीता ने शनिवार सुबह निजी नर्सिंग होम में बच्चे को जन्म दिया था, मगर बच्चे की हालत ठीक नहीं थी। आनन-फानन में डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां बच्चे को एनएनयू में भर्ती कराया गया। घरवालों ने बताया कि रविवार सुबह डॉक्टरों ने नवजात की मौत की जानकारी दी। घरवाले शव लेकर कुशीनगर चले गए। इसी दौरान किसी ने उनके मोबाइल पर फोन कर दूसरे बच्चे का शव लेकर जाने की जानकारी दी। साथ ही ये भी कहा कि आपका बच्चा जिंदा हो सकता है। इसके बाद घरवाले नवजात का शव लेकर फिर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। बाद में जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से गलती से उन्हें फोन करने की जानकारी दी गई। इसके बाद मामला शांत हुआ और घरवाले शव लेकर कुशीनगर लौट गए।
कुशीनगर के पडरौना स्थित खिरकिया के श्रीनिवास की पत्नी गीता ने शनिवार सुबह निजी नर्सिंग होम में बच्चे को जन्म दिया था, मगर बच्चे की हालत ठीक नहीं थी। आनन-फानन में डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां बच्चे को एनएनयू में भर्ती कराया गया। घरवालों ने बताया कि रविवार सुबह डॉक्टरों ने नवजात की मौत की जानकारी दी। घरवाले शव लेकर कुशीनगर चले गए। इसी दौरान किसी ने उनके मोबाइल पर फोन कर दूसरे बच्चे का शव लेकर जाने की जानकारी दी। साथ ही ये भी कहा कि आपका बच्चा जिंदा हो सकता है। इसके बाद घरवाले नवजात का शव लेकर फिर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। बाद में जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से गलती से उन्हें फोन करने की जानकारी दी गई। इसके बाद मामला शांत हुआ और घरवाले शव लेकर कुशीनगर लौट गए।
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