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इंसेफेलाइटिस से गगहा के इमशाद समेत तीन की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 25 Jun 2017 01:40 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती इंसेफेलाइटिस पीड़ित मरीज।
- फोटो : Amar Ujala / File photo
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पूर्वांचल का दंश कहे जानेे वाले इंसेफेलाइटिस का प्रकोप बढ़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज में शनिवार को तीन इंसेफेलाइटिस पीड़ितों की मौत हो गई। मरने वालों में गगहा के ढाई वर्षीय इमशाद, गोपालगंज के 16 वर्षीय मंजीत शर्मा और उतरौला बलरामपुर के 6 वर्षीय सिकंदर शामिल हैं।
मेडिकल कॉलेज से जून में ही इंसेफेलाइटिस से जान जाने की खबरें मिलने लगी थीं। बीमारी काबू करने के सरकारी दावों में कमजोरियां भी उजागर होने लगी थीं। शनिवार को गगहा के इटखौली निवासी अफरोज के पुत्र इमशाद को तेज बुखार के साथ झटके आने लगे। इस पर परिवारवाले उसे नजदीकी अस्पताल ले गए। जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय के इंसेफेलाइटिस वार्ड में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद वार्ड के बाहर बैठे उसके घरवालों में कोहराम मच गया। अन्य मरीजों के परिवारवाले भी दहशत में दिखे। इसके अलावा गोपालगंज के मंजीत शर्मा और उतरौला बलरामपुर के सिकंदर की भी जान जाने की जानकारी दी गई।
मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस से 66 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 215 मरीज भर्ती हुए हैं। वर्तमान में 19 मरीजों का इलाज इंसेफेलाइटिस वार्ड में चल रहा है।
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जून में ही आठ की जान गई
स्वास्थ्य महकमा बरसात शुरू होने के साथ इंसेफेलाइटिस का खतरा बढ़ने की बात कहता है। इस लिहाज से जुलाई और अगले कुछ माह संवेदनशील माने जाते हैं। इस दफा सिर्फ जून में ही इंसेफेलाइटिस से अब तक आठ मौतें हो चुकी हैं।
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मेडिकल कॉलेज से जून में ही इंसेफेलाइटिस से जान जाने की खबरें मिलने लगी थीं। बीमारी काबू करने के सरकारी दावों में कमजोरियां भी उजागर होने लगी थीं। शनिवार को गगहा के इटखौली निवासी अफरोज के पुत्र इमशाद को तेज बुखार के साथ झटके आने लगे। इस पर परिवारवाले उसे नजदीकी अस्पताल ले गए। जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय के इंसेफेलाइटिस वार्ड में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद वार्ड के बाहर बैठे उसके घरवालों में कोहराम मच गया। अन्य मरीजों के परिवारवाले भी दहशत में दिखे। इसके अलावा गोपालगंज के मंजीत शर्मा और उतरौला बलरामपुर के सिकंदर की भी जान जाने की जानकारी दी गई।
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मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस से 66 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 215 मरीज भर्ती हुए हैं। वर्तमान में 19 मरीजों का इलाज इंसेफेलाइटिस वार्ड में चल रहा है।
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जून में ही आठ की जान गई
स्वास्थ्य महकमा बरसात शुरू होने के साथ इंसेफेलाइटिस का खतरा बढ़ने की बात कहता है। इस लिहाज से जुलाई और अगले कुछ माह संवेदनशील माने जाते हैं। इस दफा सिर्फ जून में ही इंसेफेलाइटिस से अब तक आठ मौतें हो चुकी हैं।