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योगी सरकार ने किया मिशन 2019 का आगाज
Updated Thu, 10 Aug 2017 01:19 AM IST
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गोरखपुर।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का स्वीकृति पत्र देकर योगी सरकार ने मिशन 2019 (आगामी लोकसभा चुनाव) का आगाज कर दिया। इसकी शुरूआत पूर्वांचल से की गई है। राज्य सरकार का पूरा फोकस गांव, गरीब केउत्थान पर है। इसका जिक्र भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से खुले मंच से किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करेगी। प्रधानमंत्री के सबका साथ सबका विकास की सोच से काम होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ, मान और सम्मान सबको मिलेगा। कार्यक्रम के मंच पर सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर देखने को मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2019 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी की शुरूआत की थी लेकिन यूपी में योजना परवान नहीं चढ़ सकी। अब राज्य में भाजपा सरकार है। इस कारण योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई गई है। राज्य सरकार की मंशा यूपी के ग्रामीण क्षेत्र में हर साल 10 लाख प्रधानमंत्री आवास देने की है। शहरी क्षेत्रों में दो लाख लोगों को आवास दिए जाएंगे। स्वीकृति पत्र बांटने का सिलसिला बुधवार से शुरू हो गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहरी आवास योजना की लांचिंग पूर्वांचल के गोरखपुर से की है। साथ ही कहा है कि गोरखपुर मंडल (गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज) के शहरी क्षेत्रों में इस साल 51 हजार आवास दिए जाएंगे। आवास स्वीकृति के पत्र वितरण का अगला कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होगा। सीएम ने संदेश दिया कि यूपी का कोई जिला वीआईपी नहीं है। 75 जिलों में समान रूप से बिजली सप्लाई की जा रही है। सरकार समाज के हर तबके के लिए काम कर रही है। किसी भी राज्य या फिर देश की रीढ़ किसान माने जाते हैं। यूपी के 80 हजार किसानों के कर्ज माफी काम सरकार ने किया है। किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश भी की जा रही है।
मेयर, पार्षद के दावेदारों में चेहरा दिखाने की होड़
गोरखपुर। नगर निकाय चुनाव में टिकट हासिल करने की लाइन में खड़े जिले के तमाम नेताओं में बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को चेहरा दिखाने की होड़ रही। सब सीएम का जयकारा लगाते दिखे। पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय और अंजू चौधरी सीएम के मंच पर मौजूद रहीं। यदि गोरखपुर नगर निगम की सीट ओबीसी हुई तो अंजू चौधरी मेयर पद की दावेदार हो सकती हैं। सामान्य सीट रही तो डॉ. सत्या पांडेय फिर दावा ठोंकेंगी।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का स्वीकृति पत्र देकर योगी सरकार ने मिशन 2019 (आगामी लोकसभा चुनाव) का आगाज कर दिया। इसकी शुरूआत पूर्वांचल से की गई है। राज्य सरकार का पूरा फोकस गांव, गरीब केउत्थान पर है। इसका जिक्र भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से खुले मंच से किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा तुष्टिकरण की राजनीति नहीं करेगी। प्रधानमंत्री के सबका साथ सबका विकास की सोच से काम होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ, मान और सम्मान सबको मिलेगा। कार्यक्रम के मंच पर सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर देखने को मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2019 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी की शुरूआत की थी लेकिन यूपी में योजना परवान नहीं चढ़ सकी। अब राज्य में भाजपा सरकार है। इस कारण योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई गई है। राज्य सरकार की मंशा यूपी के ग्रामीण क्षेत्र में हर साल 10 लाख प्रधानमंत्री आवास देने की है। शहरी क्षेत्रों में दो लाख लोगों को आवास दिए जाएंगे। स्वीकृति पत्र बांटने का सिलसिला बुधवार से शुरू हो गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहरी आवास योजना की लांचिंग पूर्वांचल के गोरखपुर से की है। साथ ही कहा है कि गोरखपुर मंडल (गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज) के शहरी क्षेत्रों में इस साल 51 हजार आवास दिए जाएंगे। आवास स्वीकृति के पत्र वितरण का अगला कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में होगा। सीएम ने संदेश दिया कि यूपी का कोई जिला वीआईपी नहीं है। 75 जिलों में समान रूप से बिजली सप्लाई की जा रही है। सरकार समाज के हर तबके के लिए काम कर रही है। किसी भी राज्य या फिर देश की रीढ़ किसान माने जाते हैं। यूपी के 80 हजार किसानों के कर्ज माफी काम सरकार ने किया है। किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश भी की जा रही है।
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मेयर, पार्षद के दावेदारों में चेहरा दिखाने की होड़
गोरखपुर। नगर निकाय चुनाव में टिकट हासिल करने की लाइन में खड़े जिले के तमाम नेताओं में बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को चेहरा दिखाने की होड़ रही। सब सीएम का जयकारा लगाते दिखे। पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय और अंजू चौधरी सीएम के मंच पर मौजूद रहीं। यदि गोरखपुर नगर निगम की सीट ओबीसी हुई तो अंजू चौधरी मेयर पद की दावेदार हो सकती हैं। सामान्य सीट रही तो डॉ. सत्या पांडेय फिर दावा ठोंकेंगी।
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