{"_id":"5942db7a4f1c1be52a8b47dc","slug":"11497553786-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वनटागियों ने खतौनी दुरुस्त करने की मांग की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वनटागियों ने खतौनी दुरुस्त करने की मांग की
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। गुरुवार को वनटांगिया विकास समिति के पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर कास्तकारों के छूटे हुए गाटा संख्या को खतौनी में दर्ज करने की मांग की। साथ ही खतौनी को सार्वजनिक करने को कहा गया। वनटांगिया वासियों ने एक स्वर में कहा कि छूटा हुआ गाटा संख्या हर हाल में खतौनी में दर्ज की जाए।
वनटांगिया विकास समिति के अध्यक्ष जयराम प्रसाद ने कहा कि वनटांगिया की समस्या को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। वन क्षेत्र में रहने वाले तमाम कास्तकारों का गाटा संख्या खतौनी में दर्ज नहीं हो सकी है। इससे भविष्य में समस्या हो सकती है। अधिकार पत्र में भी इस अंकन किया जाए और खतौनी को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकार को लेकर वनटांगियावासी पहले भी प्रार्थना पत्र दिए लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने वन क्षेत्र की अन्य प्रमुख समस्याओं के समाधान की मांग की। शिक्षा स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल जैसी मूलभूत बुनियादी जरूरतों को दुरुस्त करने की मांग की। इस मौके पर राममिलन, राजू गुप्ता, रामानन्द सहानी, रामनिवास प्रसाद के अलावा वन ग्राम के तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
वनटांगिया विकास समिति के अध्यक्ष जयराम प्रसाद ने कहा कि वनटांगिया की समस्या को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है। वन क्षेत्र में रहने वाले तमाम कास्तकारों का गाटा संख्या खतौनी में दर्ज नहीं हो सकी है। इससे भविष्य में समस्या हो सकती है। अधिकार पत्र में भी इस अंकन किया जाए और खतौनी को सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकार को लेकर वनटांगियावासी पहले भी प्रार्थना पत्र दिए लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने वन क्षेत्र की अन्य प्रमुख समस्याओं के समाधान की मांग की। शिक्षा स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल जैसी मूलभूत बुनियादी जरूरतों को दुरुस्त करने की मांग की। इस मौके पर राममिलन, राजू गुप्ता, रामानन्द सहानी, रामनिवास प्रसाद के अलावा वन ग्राम के तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन