विज्ञापन

अलविदा की नमाज में उमड़ी भीड़

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sat, 09 Jun 2018 01:30 AM IST
अलविदा की नमाज रोजेदारों ने अदा की।
अलविदा की नमाज रोजेदारों ने अदा की।
ख़बर सुनें
गोरखपुर। रमजानुल मुबारक के आखिरी जुमे की नमाज शहर के विभिन्न मस्जिदों में अदा की गई। लोगों ने इबादत कर अपने गुनाहों की माफी मांगी। मुकद्दर संवारने की दुआ भी की। जामा मस्जिद उर्दू बाजार, गोरखनाथ जामा मस्जिद आदि में नमाजियों की भीड़ उमड़ी। नमाज से पहले पढ़े जाने वाले खुतबे में रमजान को अलविदा कह दिया गया। शहर की तमाम मस्जिदों में अलविदा के मौके पर जुमा का खुतबा पढ़ नमाज अदा की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
अपराह्न 12 बजे से मस्जिद में नमाजियों का तांता लगना शुरू हो गया। रमजान का आखिरी जुमा होने के कारण मस्जिदों में जगह कम पड़ गई। कई मस्जिदों में नमाजियों ने सड़कों पर दरी बिछाकर नमाज अदा की व अल्लाह के आगे सजदे में जाकर लोगों ने दुआएं मांगीं।


इससे पूर्व अलसुबह अलविदा की तैयारी शुरू हो गई। बच्चे, नौजवान, बुजुर्ग ने नहाकर, साफ.-सुथरे कपड़े और टोपी पहनकर, इत्र लगाकर मस्जिदों का रुख किया। ध्यान से इमामों की तकरीर व खुतबा सुना, फिर इमाम के साथ नमाज अदा की। इमामों की दुआ पर सभी ने आमीन कहा। महिलाओं ने भी घरों में इबादत की। प्रशासन भी पूरी तरह चुस्त नजर आया। अलविदा के साथ ही बाजार में चहल-पहल तेज हो गई है। शाह मारुफ के दस दिनों वाले ईद के खास बाजार, गोलघर, घंटाघर, उर्दू बाजार, गीता प्रेस रोड, जाफरा बाजार, गोरखनाथ आदि जगहों में खरीदारी तेज हो चुकी है। सेवइयों की दुकानों पर रौनक है। इफ्तार की दावतों का सिलसिला जारी है। बंदों को रमजान में की गई इबादत का इनाम ईद की खुशी के रूप में मिलने वाला है।

सुन्नी बरेलवी मुसलमानों ने अदा की चौथे जुमा की नमाज

शहर का एक तबका जहां रमजान के अंतिम जुमा यानी अलविदा की नमाज अदा कर रहा था, वहीं सुन्नी बरेलवी मुसलमानों का तबका रमजान के चौथे जुमा की नमाज अदा करता नजर आया। चांद को लेकर बरेलवी व देवबंदी एक राय नहीं हैं। सुन्नी बरेलवी मुसलमानों ने 15 जून को अलविदा मनाने का एलान किया है।

रमजान सच्चाई, हमदर्दी व इंसानी वसूल सिखाता है

अल्लाह के पैगंबर हजरत मोहम्मद ने फरमाया जो शख्स झूठ और गुनाह के काम न छोड़े, अल्लाह को कोई जरूरत नहीं कि वह अपना खाना-पीना छोड़े। रमजान माह इस्लामी सिद्धांतों, सच्चाई, हमदर्दी तथा इंसानी वसूलों के प्रशिक्षण का पीरियड कहा जाता है। इस माह में की गई इबादतों का सवाब आम दिनों में की गई इबादतों के सवाब से कई गुना ज्यादा रहता है।
- हाफिज गुलाम मुस्तफा, इमाम, जामा मस्जिद चूने वाली, हजारीपुर

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Gorakhpur

कुशीनगर में कैशवैन से 1.58 करोड़ रुपये की लूट, एडीजी, आईजी और एसपी सहित कई पुलिस अधिकारी पहुंचे

हाटा क्षेत्र के बकराबाद गांव के पास सोमवार दोपहर को छह-सात सशस्त्र बदमाशों ने कैश वैन से एक करोड़ 58 लाख रुपये लूट लिए।

11 दिसंबर 2018

विज्ञापन

VIDEO: रुला देगी इन बहनों की हालत, भीख मांगकर खाने को हैं मजबूर

कहते हैं वक्त की गुलाम हर शै होती है, कब राजा को रंक बना दे कुछ नही कहा जा सकता। ऐसा ही एक परिवार रहता है यूपी की राजधानी लखनऊ के सबसे पॉश इलाकों में से एक गोमतीनगर में।

10 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election