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महिलाओं त्वरित न्याय दिलवाएं
Wed, 20 Feb 2019 10:59 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Wed, 20 Feb 2019 10:59 PM IST
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जिला जेल का निरीक्षण कर निकलती राज्य महिला आयोग की सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। राज्य महिला आयोग की सदस्य इन्द्रावास सिंह ने बुधवार को जिले में अफसरों के साथ महिला उत्पीड़न के मामलों समेत योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने की अधिकारियों को हिदायत दी। वहीं जिला कारागार के महिला बैरक का निरीक्षण कर व्यवस्था का हाल जाना और महिला बंदियों को चिकित्सा सुविधा व विधिक सहायता दिलाये जाने के लिए जेल अधीक्षक राकेश सिंह को निर्देश दिया।
लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस पर जनपदीय जनसुनवाई कार्यक्रम में एक भी प्रार्थना पत्र नहीं आया। महिला थाने की निरीक्षक पूनम यादव ने बताया कि जनवरी 2019 में कुल 44 प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिसके सापेक्ष 16 मामले सुलह, एक मामले निरस्त व नई किरण में 26 प्रार्थना-पत्र विचाराधीन हैं। जबकि एक मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द्र ने बताया कि जनवरी 2019 तक घरेलू हिंसा से संबधित 92 प्रकरण प्राप्त हुए, जिसमें 31 न्यायालय में प्रस्तुत, 61 प्रकरण विचाराधीन है। इस अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अनूप कुमार सिंह, सीओ दिलीप कुमार सिंह, विधिक सलाहकार जय शंकर प्रसाद मिश्र आदि मौजूद रहे।
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लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस पर जनपदीय जनसुनवाई कार्यक्रम में एक भी प्रार्थना पत्र नहीं आया। महिला थाने की निरीक्षक पूनम यादव ने बताया कि जनवरी 2019 में कुल 44 प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिसके सापेक्ष 16 मामले सुलह, एक मामले निरस्त व नई किरण में 26 प्रार्थना-पत्र विचाराधीन हैं। जबकि एक मामले में मुकदमा दर्ज किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चन्द्र ने बताया कि जनवरी 2019 तक घरेलू हिंसा से संबधित 92 प्रकरण प्राप्त हुए, जिसमें 31 न्यायालय में प्रस्तुत, 61 प्रकरण विचाराधीन है। इस अवसर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अनूप कुमार सिंह, सीओ दिलीप कुमार सिंह, विधिक सलाहकार जय शंकर प्रसाद मिश्र आदि मौजूद रहे।
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