फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   पमपम हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तारी

पमपम हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तारी

Sun, 02 Jul 2017 12:04 AM IST
Updated Sun, 02 Jul 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
पमपम हत्याकांड के तीन आरोपी गिरफ्तारी
संतकबीरनगर। पीस पार्टी नेता पमपम पाठक की हत्या करने के बाद तीनों आरोपी एक ही बाइक से भागे थे। वकील के माध्यम से ये तीनों सरेंडर करने जुगत में थे कि पुलिस के हत्थे चढ गए। हत्या के बाद पमपम की लूटी गई सोने की चेन ने भी पुलिस को हत्यारोपी तक पहुंचाने में काफी मदद की।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, पमपम पाठक के हत्या की मूल वजह डराना,धमकाना, रंगदारी मांगना और सार्वजनिक स्थलों पर आरोपियों को जलील करना रहा। जवाहिर भी अपने पुराने विवाद का बदला लेने की फिराक में था, प्रमोद का साथ मिलते ही पमपम पाठक की हत्या की साजिश रच दी गई। हत्या की कहानी जो बताई गई उसमें यही है कि तय साजिश के तहत पहले से हत्यारोपियों ने तैयारी पूरी कर ली और फिर पमपम को समझौते के बहाने बुला कर ताबड़तोड़ छह गोलियां दाग कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आरोपी प्रमोद , लवकुश दूबे और मनोज यादव एक ही बाइक से भाग कर पहले हरपुर बुदहट गए। वहां से फिर गोरखपुर और नौतनवां चले गए। यहां से मेंहदावल के रास्ते नंदौर से बस्ती चले गए। बस्ती में बाइक रखकर बस से लखनऊ चले गए थे।
विज्ञापन

हत्या के बाद से आरोपी प्रमोद, लवकुश और मनोज साथ- साथ रहे। ये लोग कोर्ट में सरेंडर करने के लिए अपने संपर्क के वकील से सरेंडर होने का ताना बाना बुन कर तैयार कर चुुके थे। ये लोग जल्द ही सरेंडर करने की फिराक में ही लखनऊ से वापस लौटे थे और तीनों पकड़ लिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि गोरखुपर जिले के कैंट थाना क्षेत्र के सरवननगर सिंघडिया निवासी मनोज यादव का अक्सर खलीलाबाद आना जाना था और प्रमोद से उसकी अच्छी दोस्ती है। लवकुश की भी प्रमोद से दोस्ती है। पमपम की मनोज और लवकुश से भी पूर्व में तनातनी हो चुकी थी। इन लोगों को जवाहिर साथ मिला। उसी का नतीजा था कि साजिश के तहत समझौते के लिए बुला कर पमपम की हत्या कर दी गई। आरोपी लवकुश दूबे का आपराधिक रिकार्ड है। बाराबंकी जिले में पूर्व में वह एक जनप्रतिनिधि की गाड़ी रोकवा कर 65 हजार रुपये लूट लिया थे, हालांकि उस गाड़ी में जनप्रतिनिधि नहीं बैठे थे। लवकुश के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास गैंगेस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट,गुंडा एक्ट समेत सात मुकदमे दर्ज हैं। हत्या मेें प्रमोद जायसवाल की लाइसेंसी रिवाल्वर प्रयुक्त हुई है ,जिसका लाइसेंस निरस्त्रीकरण कराए जाने की रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।

सरेंडर की कोशिश में थे पकड़े गए हत्यारोपी
संतकबीरनगर। पीस पार्टी नेता पमपम पाठक की हत्या करने के बाद तीनों आरोपी एक ही बाइक से भागे थे। वकील के माध्यम से ये तीनों सरेंडर करने जुगत में थे कि पुलिस के हत्थे चढ गए। हत्या के बाद पमपम की लूटी गई सोने की चेन ने भी पुलिस को हत्यारोपी तक पहुंचाने में काफी मदद की।
जानकारी के अनुसार, पमपम पाठक के हत्या की मूल वजह डराना,धमकाना, रंगदारी मांगना और सार्वजनिक स्थलों पर आरोपियों को जलील करना रहा। जवाहिर भी अपने पुराने विवाद का बदला लेने की फिराक में था, प्रमोद का साथ मिलते ही पमपम पाठक की हत्या की साजिश रच दी गई। हत्या की कहानी जो बताई गई उसमें यही है कि तय साजिश के तहत पहले से हत्यारोपियों ने तैयारी पूरी कर ली और फिर पमपम को समझौते के बहाने बुला कर ताबड़तोड़ छह गोलियां दाग कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आरोपी प्रमोद , लवकुश दूबे और मनोज यादव एक ही बाइक से भाग कर पहले हरपुर बुदहट गए। वहां से फिर गोरखपुर और नौतनवां चले गए। यहां से मेंहदावल के रास्ते नंदौर से बस्ती चले गए। बस्ती में बाइक रखकर बस से लखनऊ चले गए थे।
हत्या के बाद से आरोपी प्रमोद, लवकुश और मनोज साथ- साथ रहे। ये लोग कोर्ट में सरेंडर करने के लिए अपने संपर्क के वकील से सरेंडर होने का ताना बाना बुन कर तैयार कर चुुके थे। ये लोग जल्द ही सरेंडर करने की फिराक में ही लखनऊ से वापस लौटे थे और तीनों पकड़ लिए गए।

एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि गोरखुपर जिले के कैंट थाना क्षेत्र के सरवननगर सिंघडिया निवासी मनोज यादव का अक्सर खलीलाबाद आना जाना था और प्रमोद से उसकी अच्छी दोस्ती है। लवकुश की भी प्रमोद से दोस्ती है। पमपम की मनोज और लवकुश से भी पूर्व में तनातनी हो चुकी थी। इन लोगों को जवाहिर साथ मिला। उसी का नतीजा था कि साजिश के तहत समझौते के लिए बुला कर पमपम की हत्या कर दी गई। आरोपी लवकुश दूबे का आपराधिक रिकार्ड है। बाराबंकी जिले में पूर्व में वह एक जनप्रतिनिधि की गाड़ी रोकवा कर 65 हजार रुपये लूट लिया थे, हालांकि उस गाड़ी में जनप्रतिनिधि नहीं बैठे थे। लवकुश के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास गैंगेस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट,गुंडा एक्ट समेत सात मुकदमे दर्ज हैं। हत्या मेें प्रमोद जायसवाल की लाइसेंसी रिवाल्वर प्रयुक्त हुई है ,जिसका लाइसेंस निरस्त्रीकरण कराए जाने की रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed