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डायरिया से दो की मौत, छह बीमार

Sat, 06 Aug 2016 10:48 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Sat, 06 Aug 2016 10:48 PM IST
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Two died from colra, Six Sick
अंबेडकरनगर जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया पीड़ित मरीज। - फोटो : अमर उजाला
सीएचसी रुपईडीह के अंतर्गत आने वाले भवनियापुर उपाध्याय गांव में डायरिया के प्रकोप से जहां हफ्ते भर में दो किशोरियों की मौत हो गई तो वहीं गांव के छह लोग अभी भी इस बीमारी से पीड़ित हैं। जिसमें से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शनिवार को बीमारी का पता चलने के बाद आनन-फानन में सीएचसी से डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची और पीड़ितों का उपचार करने के साथ ही गांव में चूने इत्यादि का छिड़काव भी कराया।
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सीएचसी रुपईडीह के अंतर्गत आने वाले भवनियापुर उपाध्याय गांव में 10 दिनों से डायरिया का प्रकोप है। 27 जुलाई को गांव निवासी सत्यनारायण की पुत्री काजल (15) की उल्टी-दस्त से मौत हो गई थी। जबकि उस समय भी गांव में कई लोग डायरिया की चपेट में थे।
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वहीं, शुक्रवार की रात इसी गांव के रहने वाले मुरारीलाल की पुत्री प्रीती (16) की भी उल्टी-दस्त से सांसें थम गईं। लेकिन तब तक इसका पता न तो सीएचसी के जिम्मेदारों को चल पाया और न ही गांव की आशा व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को। 
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शनिवार को प्रीती की मौत के बाद जब गांव में हो-हल्ला हुआ तो सीएचसी रपईडीह से डॉक्टरों की एक टीम गांव पहुंची और पीड़ितों का उपचार किया। वहीं, गांव में उल्टी-दस्त से ही बीमार मुरारीलाल की पत्नी जानकी (50), पुत्री रिंकी (5) व बेटे अरुण (7) को गंभीर हालत में एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया है। शनिवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम ने इससे इतर उल्टी-दस्त से बीमार चल रही पुष्पा (10) पुत्री गिरधर, ननकना (18) पुत्री गुरुवचन, सुमन (7) पुत्री सुरेश का उपचार किया। 

सीएचसी रुपईडीह के अधीक्षक डॉ. सुरेशचंद्रा ने बताया कि गांव में किसी प्रकार की बीमारी फैलने की जानकारी उन्हें पहले नहीं थी। शनिवार को जानकारी होने के बाद तत्काल उन्होंने डॉक्टरों के साथ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम को गांव भेजा, जिसने गांव में पीड़ितों का उपचार करने के साथ ही चूने व ब्लीचिंग पाउडर इत्यादि का भी छिड़काव किया है।


पीड़ितों का हरसंभव उपचार किया जा रहा है। गांव वालों को चाहिए था कि जैसे ही कोई बीमारी फैले, वह तत्काल इसकी सूचना पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जरूर दे दें। जिससे उनका उपचार करने में आसानी होती है और समय रहते पीड़ितों को उपचार भी मिल जाता है।
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