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Gonda News: जिस राष्ट्र में राम बसते हैं, वहां नहीं हो सकती निराशा
Sun, 04 Jan 2026 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 04 Jan 2026 11:22 PM IST
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नंदिनीनगर में जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से बात करते सांसद करणभूषण सिंह व विधायक प
नवाबगंज। नंदिनी नगर महाविद्यालय परिसर रविवार को भक्ति, वैराग्य और राष्ट्र चेतना के दिव्य भाव से सराबोर हो उठा। राष्ट्रकथा वाचक सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज की अमृतवाणी सुनने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथा स्थल जयकारों और भजनों से गूंजता रहा।
कथा का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रवाचक ने भजन प्रस्तुत किए तो श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। पूरा पंडाल श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति, भाषा और राष्ट्र के प्रति गर्व की भावना रखें। उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्र में राम बसते हैं, वहां निराशा नहीं हो सकती और जिस समाज में संस्कार हैं, उसका पतन नहीं हो सकता।
राष्ट्रकथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ऋतेश्वर जी महाराज ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, सेवा, समर्पण और संगठन की भावना जागृत होती है। जब गांव जागेंगे, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। सांसद करण भूषण सिंह और विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने सामूहिक आरती की। हनुमान चालीसा पाठ के साथ कथा को विश्राम दिया गया। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह, सुमित भूषण सिंह सहित अनेक संत-महंत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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युवाओं को प्रेरणा देगी राष्ट्रकथा : मनोज सिन्हा
गोंडा। जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कालखंड प्रारंभ हुआ है। इससे विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी। रविवार को नंदिनी नगर पहुंचे उपराज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रकथा का यह आयोजन लोगों में कर्तव्य बोध के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे कालखंड की गुलामी के कारण भारत की संपन्नता और वैभव को भारी क्षति पहुंची, लेकिन पिछले 10-11 वर्षों में देश की आर्थिक शक्ति तेजी से बढ़ी है। इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश के युवा ही भारत को फिर से वैभवशाली बनाएंगे। (संवाद)
दबदबा शब्द सुनते ही भावुक हुए बृजभूषण
गोंडा। राष्ट्रकथा के दौरान प्रवाचक ऋतेश्वर जी महाराज के मुख से ‘दबदबा’ शब्द सुनते ही बृजभूषण शरण सिंह भावुक हो गए। प्रवाचक ने कहा, ‘यहां इनका बाप बैठा है। मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा।’ उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व बृजभूषण द्वारा एक मंच से अपने दबदबे का उल्लेख किए जाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। प्रवाचक ने मंच से बृजभूषण के संघर्ष और प्रभाव का भी जिक्र किया। इसे सुनकर बृजभूषण अपने पुराने दिन और राजनीतिक संघर्षों को याद कर भावुक हो गए। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु और समर्थक भी इस दृश्य से भावुक नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें बृजभूषण की आंखों से आंसू बह रहे हैं। (संवाद)
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कथा का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रवाचक ने भजन प्रस्तुत किए तो श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। पूरा पंडाल श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति, भाषा और राष्ट्र के प्रति गर्व की भावना रखें। उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्र में राम बसते हैं, वहां निराशा नहीं हो सकती और जिस समाज में संस्कार हैं, उसका पतन नहीं हो सकता।
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राष्ट्रकथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ऋतेश्वर जी महाराज ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, सेवा, समर्पण और संगठन की भावना जागृत होती है। जब गांव जागेंगे, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। सांसद करण भूषण सिंह और विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने सामूहिक आरती की। हनुमान चालीसा पाठ के साथ कथा को विश्राम दिया गया। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह, सुमित भूषण सिंह सहित अनेक संत-महंत और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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युवाओं को प्रेरणा देगी राष्ट्रकथा : मनोज सिन्हा
गोंडा। जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि देश में पिछले कुछ वर्षों से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का कालखंड प्रारंभ हुआ है। इससे विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी। रविवार को नंदिनी नगर पहुंचे उपराज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रकथा का यह आयोजन लोगों में कर्तव्य बोध के साथ राष्ट्र निर्माण की भावना जागृत करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे कालखंड की गुलामी के कारण भारत की संपन्नता और वैभव को भारी क्षति पहुंची, लेकिन पिछले 10-11 वर्षों में देश की आर्थिक शक्ति तेजी से बढ़ी है। इंग्लैंड को पीछे छोड़ते हुए भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बना है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश के युवा ही भारत को फिर से वैभवशाली बनाएंगे। (संवाद)
दबदबा शब्द सुनते ही भावुक हुए बृजभूषण
गोंडा। राष्ट्रकथा के दौरान प्रवाचक ऋतेश्वर जी महाराज के मुख से ‘दबदबा’ शब्द सुनते ही बृजभूषण शरण सिंह भावुक हो गए। प्रवाचक ने कहा, ‘यहां इनका बाप बैठा है। मेरा भी दबदबा था, है और रहेगा।’ उल्लेखनीय है कि कुछ माह पूर्व बृजभूषण द्वारा एक मंच से अपने दबदबे का उल्लेख किए जाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। प्रवाचक ने मंच से बृजभूषण के संघर्ष और प्रभाव का भी जिक्र किया। इसे सुनकर बृजभूषण अपने पुराने दिन और राजनीतिक संघर्षों को याद कर भावुक हो गए। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु और समर्थक भी इस दृश्य से भावुक नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें बृजभूषण की आंखों से आंसू बह रहे हैं। (संवाद)