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Gonda News: स्टडी टेबल से सुगम हुई पढ़ाई, स्कूलों में भी बढ़ी उपस्थिति
Tue, 08 Sep 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:34 PM IST
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गोंडा। घर में पढ़ाई के लिए उचित जगह और संसाधन की कमी से जूझ रहे मेधावी विद्यार्थियों को अब स्टडी टेबल मिल रही है। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल पर चल रहे ‘देवीपाटन : शिक्षा की उड़ान’ अभियान के तहत मंडल के चार जिलों में अब तक 55,489 स्टडी टेबल बांटी जा चुकी हैं। इनमें गोंडा के 18,191 विद्यार्थी शामिल हैं। अभियान के बीच स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति में भी सुधार दर्ज किया गया है।
जुलाई में गोंडा के स्कूलों में विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति 64.25 प्रतिशत थी, जो अगस्त में बढ़कर 72.23 प्रतिशत हो गई। श्रावस्ती में 57.96 से 64.56, बलरामपुर में 62.88 से 70.16 और बहराइच में 61.56 से 66.86 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई है।
मंडल में एक लाख स्टडी टेबल बांटने का लक्ष्य है। अब तक गोंडा में 18,191, बहराइच में 13,943, बलरामपुर में 16,155 और श्रावस्ती में 7,200 टेबल वितरित हो चुकी हैं। लक्ष्य के सापेक्ष 44,511 टेबल का वितरण अभी बाकी है। एक टेबल की कीमत करीब 250 रुपये है। इसके लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सीएसआर, ग्राम पंचायत निधि और स्कूल कंपोजिट ग्रांट से धनराशि जुटाई जा रही है।
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मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार अभियान का मकसद केवल स्टडी टेबल बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत को सम्मान देना है। कोशिश है कि संसाधनों की कमी किसी मेधावी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। स्टडी टेबल मिलने से बच्चों को नियमित पढ़ाई और एकाग्रता के लिए बेहतर माहौल मिलेगा और दूसरे विद्यार्थी भी मेहनत के लिए प्रेरित होंगे।
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जुलाई में गोंडा के स्कूलों में विद्यार्थियों की औसत उपस्थिति 64.25 प्रतिशत थी, जो अगस्त में बढ़कर 72.23 प्रतिशत हो गई। श्रावस्ती में 57.96 से 64.56, बलरामपुर में 62.88 से 70.16 और बहराइच में 61.56 से 66.86 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई है।
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मंडल में एक लाख स्टडी टेबल बांटने का लक्ष्य है। अब तक गोंडा में 18,191, बहराइच में 13,943, बलरामपुर में 16,155 और श्रावस्ती में 7,200 टेबल वितरित हो चुकी हैं। लक्ष्य के सापेक्ष 44,511 टेबल का वितरण अभी बाकी है। एक टेबल की कीमत करीब 250 रुपये है। इसके लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सीएसआर, ग्राम पंचायत निधि और स्कूल कंपोजिट ग्रांट से धनराशि जुटाई जा रही है।
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मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार अभियान का मकसद केवल स्टडी टेबल बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा और मेहनत को सम्मान देना है। कोशिश है कि संसाधनों की कमी किसी मेधावी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। स्टडी टेबल मिलने से बच्चों को नियमित पढ़ाई और एकाग्रता के लिए बेहतर माहौल मिलेगा और दूसरे विद्यार्थी भी मेहनत के लिए प्रेरित होंगे।