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यूक्रेन में फंसे गोंडा के दो छात्र, परिजनों ने वापसी को लेकर लगाई गुहार
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फोटो-38-गोंडा में सुयश गुप्ता। (संवाद)
- फोटो : GONDA
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गोंडा। रूस और यूक्रेन में छिड़ी जंग के बीच यहां के दो परिवार भी परेशान हैं। कारण इन परिवारों के दो होनहार यूक्रेन में मेडिकल की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच युद्घ को देखते हुए छात्रों के परिजनों ने सकुशल वापसी को लेकर सरकार व अधिकारियों से गुहार लगाई है।
यूक्रेन में मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने गए करनैलगंज के सुयश गुप्ता सुरक्षित हैं और वह लगातार अपने परिजनों के संपर्क में रहकर अपने सुरक्षित होने की सूचनाएं दे रहा है। मगर युद्ध बढ़ने के आसार को देखते हुए घर वापस आना चाहता है। करनैलगंज नगर के निवासी रमेश कुमार गुप्ता का पुत्र सुयश गुप्ता चार वर्ष पूर्व मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने यूक्रेन गया था। शिक्षा का आठवां सेमेस्टर चल रहा है। सुयश लगातार अपने परिजनों के संपर्क में है। उसके पिता रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सुयश यूक्रेन की राजधानी कीव से लगभग छह किमी की दूरी पर रहता है। उन्होंने बताया कि सुयश अपने अपार्टमेंट में सुरक्षित है। साथ में हिमाचल प्रदेश की खुशबू और बिहार के बेगूसराय का विकास भी है और सभी सुरक्षित हैं। बताया है कि गुरुवार की सुबह उसे एक धमाका सुनाई पड़ा था। उसके बाद कोई धमाका नहीं सुनाई पड़ा है। मार्शल ला लागू है तथा उसने भारत वापसी के लिए फार्म भर दिया है और दूतावास से भी संपर्क में हैं। बताया कि सुयश से फोन पर तो बात नहीं हो सकी है मगर व्हाट्सएप के माध्यम से दिन में कई बार संपर्क हो रहा है।
उधर, इटियाथोक ब्लॉक क्षेत्र के मध्यनगर गांव का रहने वाला मेडिकल का एक स्टूडेंट यूक्रेन में फंसा हुआ है। छात्र के पिता ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपने बेटे को स्वदेश वापस लाने की मांग की है। इटियाथोक के मध्यनगर गांव के रहने वाले सूर्य प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में कहा है कि उनका बेटा आकाश सिंह यूक्रेन के नेशनल यूनिवर्सिटी में मेडिकल का छात्र है। जिसका चौथा वर्ष चल रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध छिड़ चुका है ऐसे में वह अपने बेटे को लेकर काफी चिंतित है। सरकार से जल्द से जल्द बेटे को वापस लाने की गुहार लगाई है।
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यूक्रेन में मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने गए करनैलगंज के सुयश गुप्ता सुरक्षित हैं और वह लगातार अपने परिजनों के संपर्क में रहकर अपने सुरक्षित होने की सूचनाएं दे रहा है। मगर युद्ध बढ़ने के आसार को देखते हुए घर वापस आना चाहता है। करनैलगंज नगर के निवासी रमेश कुमार गुप्ता का पुत्र सुयश गुप्ता चार वर्ष पूर्व मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने यूक्रेन गया था। शिक्षा का आठवां सेमेस्टर चल रहा है। सुयश लगातार अपने परिजनों के संपर्क में है। उसके पिता रमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि सुयश यूक्रेन की राजधानी कीव से लगभग छह किमी की दूरी पर रहता है। उन्होंने बताया कि सुयश अपने अपार्टमेंट में सुरक्षित है। साथ में हिमाचल प्रदेश की खुशबू और बिहार के बेगूसराय का विकास भी है और सभी सुरक्षित हैं। बताया है कि गुरुवार की सुबह उसे एक धमाका सुनाई पड़ा था। उसके बाद कोई धमाका नहीं सुनाई पड़ा है। मार्शल ला लागू है तथा उसने भारत वापसी के लिए फार्म भर दिया है और दूतावास से भी संपर्क में हैं। बताया कि सुयश से फोन पर तो बात नहीं हो सकी है मगर व्हाट्सएप के माध्यम से दिन में कई बार संपर्क हो रहा है।
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उधर, इटियाथोक ब्लॉक क्षेत्र के मध्यनगर गांव का रहने वाला मेडिकल का एक स्टूडेंट यूक्रेन में फंसा हुआ है। छात्र के पिता ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अपने बेटे को स्वदेश वापस लाने की मांग की है। इटियाथोक के मध्यनगर गांव के रहने वाले सूर्य प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को लिखे गए पत्र में कहा है कि उनका बेटा आकाश सिंह यूक्रेन के नेशनल यूनिवर्सिटी में मेडिकल का छात्र है। जिसका चौथा वर्ष चल रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध छिड़ चुका है ऐसे में वह अपने बेटे को लेकर काफी चिंतित है। सरकार से जल्द से जल्द बेटे को वापस लाने की गुहार लगाई है।
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