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कोरोना से छह की मौत, 211 नए केस से सहमे लोग
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गोंडा। कोरोना के नए मामलों से लोगों की जान सांसत में है। शनिवार को भी कोरोना से छह मौतों से लोग सहम गए हैं। हर दिन मौतों के बढ़ते जा रहे हैं। इसके साथ ही कोरोना के नए केसों में बढ़ोत्तरी भी हो रही है, 211 नए केस सामने आए हैं।
बीते दिनों कोरोना के मामले घटने से लोगों ने राहत महसूस किया था, लेकिन फिर एक बार केस बढ़ने से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वहीं लगातार संक्रमण अपने पांव पसार रहा है और जांच में समय लगने से समस्या बनी हुई है।
कोरोना के कारण शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डा. पुण्योदय मिश्र के पिता दान बहादुर मिश्र का निधन हो गया है। उनका इलाज एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था। इसके अलावा पंडरीकृपाल के प्राइमरी स्कूल विशुनपुर बैरिया शिक्षामित्र विजय लक्ष्मी सिंह का निधन हो गया है।
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वह कोरोना से संक्रमित थीं और कई दिनों से बीमार चल रहीं थीं। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्र ने कहा कि परिवार को सरकार 50 लाख की आर्थिक मदद दे। इसके अलावा पंचायत राज विभाग के सफाई कर्मी लाल बहादुर सिंह का निधन भी कोरोना संक्रमण हो गया है।
वह 29 अप्रैल को बहराइच जिले में पंचायत चुनाव की ड्यूटी करने गए थे। वहां से आने के बाद से बीमार चल रहे थे। सफाई कर्मी संघ के नेता राघवेंद्र तिवारी ने कहा कि परिवार को आर्थिक मदद सरकार की ओर से मिले। एलआईसी के विकास अधिकारी सत्यवमी वर्मा का निधन भी कोरोना संक्रमण से हुआ है। इसके अलावा दो और मौतें कोरोना से हुई हैं।
कोरोना संक्रमितों की लगातार हो रही मौतों से पूरे जिले में हाहाकार मचा हुआ है। नए मामलों में इस बार कई गावों में भी संक्रमण ने पांव जमा लिए हैं। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने गावों में लोगों की जांच करने पर जोर दिया है। जिससे समय से संक्रमितों की पहचान हो सके और उनका उपचार किया जा सके। पहचान करके इलाज से ही कोरोना पर नियंत्रण करने की रणनीति प्रशासन कर रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुजेहना क्षेत्र के कई गांवों किसी न किसी कारण से लगातार मौत होना जारी है। लेकिन ग्राम पंचायत रैगांव में एक सप्ताह में हुई आधा दर्जन मौतों से लोग दहशत में है। इस गांव में जिनकी मौतें हुई हैं, अधिकांश लोग अचानक बीमार हुए, परिजन कुछ समझ पाते और डॉक्टरों के यहां पहुंचते तब तक लोगों ने दम तोड़ दिया।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग इन मौतों से से अभी भी बेखबर है। बीते शुक्रवार को रेगांव में शहाबुद्दीन को बुखार व गले में एकाएक परेशानी हुई और इनकी मौत हो गई। ऐनुल्लाह (52) वर्ष को बुखार और सांस की परेशानी हुई और मंगलवार को मौत हो गयी। कुन्दन सिह (53) वर्ष की इसी बुधवार को अचानक तबियत बिगड़ी और मौत हो गई।
शुक्रवार को धर्मराज उम्र लगभग (40) वर्ष तथा कृष्णादेवी पत्नी कृपाराम उम्र लगभग (39) वर्ष की भी मौत हो गई। रामचरण की पत्नी की एकाएक तबीयत खराब हुई और शनिवार को मौत हो गयी। इसी गांव की सुशीला देवी (55) पत्नी बच्चाराम की बुखार और सॉस लेने की परेशानी से हालत गंभीर बनी हुई है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक मिश्र ने कहा कि सतर्कता के तौर पर मैं टीम रैगॉव भेजा गया है। ग्राम प्रधान आसिफ खां ने मौतों की पुष्टि की है।
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बीते दिनों कोरोना के मामले घटने से लोगों ने राहत महसूस किया था, लेकिन फिर एक बार केस बढ़ने से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वहीं लगातार संक्रमण अपने पांव पसार रहा है और जांच में समय लगने से समस्या बनी हुई है।
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कोरोना के कारण शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डा. पुण्योदय मिश्र के पिता दान बहादुर मिश्र का निधन हो गया है। उनका इलाज एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा था। इसके अलावा पंडरीकृपाल के प्राइमरी स्कूल विशुनपुर बैरिया शिक्षामित्र विजय लक्ष्मी सिंह का निधन हो गया है।
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वह कोरोना से संक्रमित थीं और कई दिनों से बीमार चल रहीं थीं। शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश मणि मिश्र ने कहा कि परिवार को सरकार 50 लाख की आर्थिक मदद दे। इसके अलावा पंचायत राज विभाग के सफाई कर्मी लाल बहादुर सिंह का निधन भी कोरोना संक्रमण हो गया है।
वह 29 अप्रैल को बहराइच जिले में पंचायत चुनाव की ड्यूटी करने गए थे। वहां से आने के बाद से बीमार चल रहे थे। सफाई कर्मी संघ के नेता राघवेंद्र तिवारी ने कहा कि परिवार को आर्थिक मदद सरकार की ओर से मिले। एलआईसी के विकास अधिकारी सत्यवमी वर्मा का निधन भी कोरोना संक्रमण से हुआ है। इसके अलावा दो और मौतें कोरोना से हुई हैं।
कोरोना संक्रमितों की लगातार हो रही मौतों से पूरे जिले में हाहाकार मचा हुआ है। नए मामलों में इस बार कई गावों में भी संक्रमण ने पांव जमा लिए हैं। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने गावों में लोगों की जांच करने पर जोर दिया है। जिससे समय से संक्रमितों की पहचान हो सके और उनका उपचार किया जा सके। पहचान करके इलाज से ही कोरोना पर नियंत्रण करने की रणनीति प्रशासन कर रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुजेहना क्षेत्र के कई गांवों किसी न किसी कारण से लगातार मौत होना जारी है। लेकिन ग्राम पंचायत रैगांव में एक सप्ताह में हुई आधा दर्जन मौतों से लोग दहशत में है। इस गांव में जिनकी मौतें हुई हैं, अधिकांश लोग अचानक बीमार हुए, परिजन कुछ समझ पाते और डॉक्टरों के यहां पहुंचते तब तक लोगों ने दम तोड़ दिया।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग इन मौतों से से अभी भी बेखबर है। बीते शुक्रवार को रेगांव में शहाबुद्दीन को बुखार व गले में एकाएक परेशानी हुई और इनकी मौत हो गई। ऐनुल्लाह (52) वर्ष को बुखार और सांस की परेशानी हुई और मंगलवार को मौत हो गयी। कुन्दन सिह (53) वर्ष की इसी बुधवार को अचानक तबियत बिगड़ी और मौत हो गई।
शुक्रवार को धर्मराज उम्र लगभग (40) वर्ष तथा कृष्णादेवी पत्नी कृपाराम उम्र लगभग (39) वर्ष की भी मौत हो गई। रामचरण की पत्नी की एकाएक तबीयत खराब हुई और शनिवार को मौत हो गयी। इसी गांव की सुशीला देवी (55) पत्नी बच्चाराम की बुखार और सॉस लेने की परेशानी से हालत गंभीर बनी हुई है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक मिश्र ने कहा कि सतर्कता के तौर पर मैं टीम रैगॉव भेजा गया है। ग्राम प्रधान आसिफ खां ने मौतों की पुष्टि की है।