{"_id":"69d2a2d0d6b496a6f009198d","slug":"science-book-for-rs-700-ncert-book-for-just-rs-65-gonda-news-c-100-1-gon1001-155620-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: 700 रुपये में साइंस की किताब, एनसीईआरटी की सिर्फ 65 में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: 700 रुपये में साइंस की किताब, एनसीईआरटी की सिर्फ 65 में
विज्ञापन
मालवीय नगर स्थित एक दुकान पर कॉपी किताब खरीदते अभिभावक। -संवाद
गोंडा। निजी स्कूलों की मनमानी से मध्यम वर्गीय अभिभावकों की जेब ढीली हो रही है। स्कूल संचालक एनसीईआरटी की सस्ती किताबों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें निर्धारित दुकान से ही खरीदने पर मजबूर कर रहे हैं। कक्षा आठ की साइंस की निजी प्रकाशन की किताब 700 रुपये की मिल रही है, जबकि एनसीईआरटी की किताब की कीमत 65 रुपये है। वहीं जिम्मेदार अधिकारी भी इस मनमानी पर चुप्पी साधे हुए हैं। शिक्षा सत्र शुरू होने के पांच दिन बाद अभी तक किसी भी अधिकारी ने निजी स्कूल का निरीक्षण नहीं किया।
जिले में 400 से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं, अधिकांश स्कूलों में एनसीईआरटी के स्थान पर निजी प्रकाशकों की किताबें चल रही हैं। रविवार को शहर के मालवीय नगर स्थित एक दुकान पर बच्चों के साथ अभिभावक कॉपी-किताब खरीद रहे थे। एक महिला अभिभावक ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि स्कूल की ओर से इसी दुकान से कॉपी-किताब लेने को कहा गया है। निजी प्रकाशक की एक साइंस की किताब की कीमत 700 रुपये थी, जबकि वही किताब एनसीईआरटी की मात्र 65 रुपये में मिलती है। दुकानदार बिना किताब खरीदे कॉपी नहीं दे रहे हैं। इसी प्रकार बगल की दुकान पर भी अभिभावक महंगी किताबें खरीदते दिखाई पड़े।
अभियान चलाकर किया जाएगा निरीक्षण
-निजी विद्यालयों के निरीक्षण के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिस भी विद्यालय में बिना महंगी किताबों व मानक विहीन व्यवस्था मिलेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डॉ. रामचंद्र, डीआईओएस
विज्ञापन
जिले में 400 से अधिक निजी स्कूल संचालित हैं, अधिकांश स्कूलों में एनसीईआरटी के स्थान पर निजी प्रकाशकों की किताबें चल रही हैं। रविवार को शहर के मालवीय नगर स्थित एक दुकान पर बच्चों के साथ अभिभावक कॉपी-किताब खरीद रहे थे। एक महिला अभिभावक ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि स्कूल की ओर से इसी दुकान से कॉपी-किताब लेने को कहा गया है। निजी प्रकाशक की एक साइंस की किताब की कीमत 700 रुपये थी, जबकि वही किताब एनसीईआरटी की मात्र 65 रुपये में मिलती है। दुकानदार बिना किताब खरीदे कॉपी नहीं दे रहे हैं। इसी प्रकार बगल की दुकान पर भी अभिभावक महंगी किताबें खरीदते दिखाई पड़े।
विज्ञापन
अभियान चलाकर किया जाएगा निरीक्षण
-निजी विद्यालयों के निरीक्षण के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिस भी विद्यालय में बिना महंगी किताबों व मानक विहीन व्यवस्था मिलेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डॉ. रामचंद्र, डीआईओएस