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आठ हजार आबादी वाले गांव में 140 महिलओं ने ही लगावाया टीका
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गोंडा में बेलसर के ग्राम पंचायत सेमरी में टीकाकरण करती सीएचओ कोमल पांडेय।
- फोटो : GONDA
गोंडा। कोरोना संक्रमण से छुटकारा दिलाने को जरूरी कोविड वैक्सीन लगवाने में जिले की आधी आबादी उदासीन बनी हुई है। जागरूकता को लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में महिलाएं कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए आगे नहीं आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टीका लगवाने के बाद बुखार आ कर तबियत बिगड़ जाती है। इस समय खेती का समय है बीमार होने से खेती का कार्य प्रभावित होगा।
जिले में महिलाओं की आबादी करीब 18 लाख है। इसमें से अभी तक सिर्फ 40 हजार मतलब दो फीसदी महिलाओं ने ही कोरोनारोधी टीका लगवाया। बेलसर विकासखंड के ग्राम पंचायत सेमरीकला में तो कुल आठ हजार की आबादी में से अब तक मात्र 140 महिलाओं ने ही टीका लगवाया है जबकि यहां महिलाओं की संख्या चार हजार के करीब है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में चार दिन कैंप का आयोजन भी किया गया। इस दौरान सिर्फ तीन सौ लोगों ने वैक्सीन लगवायी। इसमें 160 पुरुष तथा 140 महिलाएं ही शामिल रही। टीकाकरण को लेकर भले ही स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन दिन रात प्रयास कर रहा हो, लेकिन ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण के प्रति लोगों की नकारात्मक सोच दूर नहीं हो पा रही है।
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टीकाकरण को लेकर ग्रामीण इलाको में लोग रुचि कम ले रहेें हैं। गांवो में अधिकांश परिवार खेती करते हैं। लोगों का कहना है कि टीका लगवाने के बाद कई दिनों तक बुखार आता है जिससे उनकी खेती का कार्य प्रभावित होगा। वहीं महिलाओं में भी टीका को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां व्याप्त हैं।
जिले के कुल आबादी के करीब दस फीसदी लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाया जा चुका है। जिले के करीब 40 लाख की आबादी में से 3,73,318 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिसमें 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले 2,87,883 लोगों को टीका लगाया गया है तथा। 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले 85,435 युवाओं को कोरोना रोधी टीका लगाया गया है।
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जिले में महिलाओं की आबादी करीब 18 लाख है। इसमें से अभी तक सिर्फ 40 हजार मतलब दो फीसदी महिलाओं ने ही कोरोनारोधी टीका लगवाया। बेलसर विकासखंड के ग्राम पंचायत सेमरीकला में तो कुल आठ हजार की आबादी में से अब तक मात्र 140 महिलाओं ने ही टीका लगवाया है जबकि यहां महिलाओं की संख्या चार हजार के करीब है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में चार दिन कैंप का आयोजन भी किया गया। इस दौरान सिर्फ तीन सौ लोगों ने वैक्सीन लगवायी। इसमें 160 पुरुष तथा 140 महिलाएं ही शामिल रही। टीकाकरण को लेकर भले ही स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन दिन रात प्रयास कर रहा हो, लेकिन ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण के प्रति लोगों की नकारात्मक सोच दूर नहीं हो पा रही है।
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टीकाकरण को लेकर ग्रामीण इलाको में लोग रुचि कम ले रहेें हैं। गांवो में अधिकांश परिवार खेती करते हैं। लोगों का कहना है कि टीका लगवाने के बाद कई दिनों तक बुखार आता है जिससे उनकी खेती का कार्य प्रभावित होगा। वहीं महिलाओं में भी टीका को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां व्याप्त हैं।
जिले के कुल आबादी के करीब दस फीसदी लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाया जा चुका है। जिले के करीब 40 लाख की आबादी में से 3,73,318 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिसमें 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले 2,87,883 लोगों को टीका लगाया गया है तथा। 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले 85,435 युवाओं को कोरोना रोधी टीका लगाया गया है।