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खुलासा: नेपाल में आईएसआई अफसर से मिला था रईस, ISI हैंडलर से पाकिस्तान में मिलने की थी तैयारी, ऐन वक्त मैसेज...

Wed, 19 Jul 2023 10:30 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 19 Jul 2023 10:30 AM IST
सार

आईएसआई एजेंट मोहम्मद रईस को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रईस ने नेपाल में आईएसआई के अधिकारी से मुलाकात की थी। वह आईएसआई हैंडलर से पाकिस्तान में मिलने की भी तैयारी में था। कराची जाने से पहले ऐन वक्त पर मैसेज आने से प्लान बदल गया। इसके बाद वह चार साथियों के साथ नेपाल चला गया था।

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Mohammad Raees met ISI officer in Nepal There was also preparation to meet ISI handler in Pakistan
Mohammad Raees - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के बड़े ओहदेदार से मुलाकात के लिए मोहम्मद रईस कराची जाने की तैयारी में था। ऐन वक्त पर नेपाल की बैठक में शामिल होने के मेसेज से वह रुक गया और गोंडा से बलरामपुर होते हुए नेपाल चला गया। गोपनीय बैठक में रईस समेत पांच स्लीपिंग मॉड्यूल गए थे।
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यूपी एटीएस की गिरफ्त में आया तरबगंज के रामापुर निवासी मोहम्मद रईस सीधे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी और पाकिस्तानी सेना के अधिकारी से बात करके सब कुछ तय करना चाहता था। 
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वह कराची में रिश्तेदार के यहां वैवाहिक कार्यक्रम के बहाने जाकर पाक के अफसरों से भेंट करता मगर इससे पहले बांग्लादेश से आईएसआई हैंडलर के संदेश से प्लान बदल गया। फिर पाकिस्तान जाने के बजाय नेपाल में ही बैठक तय हो गई। 
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रईस चार साथियों के साथ नेपाल पहुंचा और गुप्त मीटिंग में शामिल हुआ। वह कृष्णानगर वाया बलरामपुर बॉर्डर नेपाल गया था। जहां तीन दिन रुका था। नेपाल में हैंडलर ने आईएसआई के बड़े ओहदेदार से रईस की मुलाकात कराई थी।

गोपनीय सूत्रों की मानें तो मीटिंग में कई अहम जानकारियां पाकिस्तानियों को मुहैया कराई गईं। सलमान और अरमान भी रईस के साथ थे। इनके अलावा दो अन्य स्लीपिंग माॅड्यूल भी पहली दफा वहां पहुंचे थे। अगले दिन ये पांचों लोग चीसापानी होते हुए नेपालगंज पहुंचे और वहां एक होटल में ठहरे। यह राज रईस के पास मिले बांग्लादेशी सिमकार्ड से खुला। हाईटेक सर्विलांस के जरिए इस सिमकार्ड से अहम जानकारी मिली है।

 

खुलासा हुआ है कि नेपाल में आईएसआई के ओहदेदार अधिकारी से तो रईस व उसके साथियों की भेंट हुई मगर पाकिस्तानी सेना का अधिकारी नहीं आ सका था। यह अलग बात रही कि रईस ने भारतीय सेना से जुड़ी जानकारियां जरूर सौंपी थीं। कई अन्य मुद्दों पर भी बातचीत की गई।

नेपाल में पांचों को मिले थे दो-दो लाख रुपये
नेपाल की बैठक में रईस व चारों साथियों को दो-दो लाख रुपये मिले थे। इसके बाद यह लोग लखनऊ गए और वहां से अपने-अपने घर चले गए थे। उस समय भी रईस अपने घर तरबगंज के रामापुर में ही रहता था। अब एटीएस पूरे मामले की छानबीन करने के साथ ही रईस के साथियों की तलाश में जुटी है।

अहम जानकारी देकर हासिल किया था भरोसा
नेपाल की बैठक में रईस आईएसआई का भरोसा हासिल करने में जुटा रहा। उसने मौखिक जानकारी देने के साथ ही भारतीय सेना से संबंधित कई अहम दस्तावेज भी सौंपे। रईस की गिरफ्तारी में भी एटीएस ने सेना के दस्तावेज आईएसआई को देने का जिक्र किया है। दरअसल अभी रईस न सिर्फ आईएसआई को सूचना दे रहा था। बल्कि उसके लिए वह हिंदुस्तान में एक टीम भी तैयार करना चाहता था।

पाक में रिश्तेदारी का फायदा उठाने की फिराक में था
रईस पाकिस्तान में अपनी रिश्तेदारी का फायदा उठाना चाहता था। रिश्तेदारी होने के चलते पाकिस्तान जाने का उसके पास कारण भी था और वहां कराची में ठहरने का स्थान भी था। इसी के जरिए वह कम समय में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी में गहरी पैठ बनाकर बड़ा आदमी बनने का सपना देख रहा था। उसकी कोशिश थी कि उसके रिश्तेदार भी न जान पाएं और वह अपना साम्राज्य खड़ा कर ले।
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