फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Maternity death after injection, uproar

इंजेक्शन लगते ही प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया लापवाही का आरोप

Fri, 06 Aug 2021 09:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 09:57 PM IST
विज्ञापन
Maternity death after injection, uproar
गोंडा के जिला महिला अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद हंगामा करते परिजन। - फोटो : GONDA
गोंडा। जिला महिला अस्पताल में नर्स की लापरवाही से एक महिला को सुरक्षित प्रसव के बाद भी अपनी जान गंवानी पड़ी। प्रसूता की मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।
विज्ञापन

परिजन एडवोकेट विनय शुक्ल ने आरोप लगाया कि सुरक्षित प्रसव के दूसरे दिन नर्स के लापरवाही पूर्वक डॉक्टर से सलाह लिए बिना गलत इंजेक्शन लगाने से प्रसूता की मौत हो गई। महिला अस्पताल में सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि महिला के रक्त का प्रवाह उल्टा हो गया था इस प्रकार के मामलों में अचानक मौत हो जाती है।
विज्ञापन

महिला अस्पताल में शुक्रवार को नर्स की लापरवाही से प्रसूता की मौत हो गई। जिससे नवजात के सिर से मां का साया उठ गया। कोतवाली देहात के बनघुसरा निवासी अनीता पांडेय को गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जहां देर शाम चिकित्सकों ने आपरेशन से सुरक्षित प्रसव कराया जिसमें बेटी का जन्म हुआ। परिजनों ने बताया कि प्रसव उपरांत जज्जा और बच्चा दोनों सुरक्षित थे। लेकिन दूसरे दिन दोपहर दर्द बढ़ने पर प्रसूता के परिजनों ने ड्यूटी नर्स को बताया जिस पर नर्स ने बिना डॉक्टरों की सलाह लिए एक इंजेक्शन लगा दिया जिससे तत्काल ही प्रसूता की मौत हो गई।
मृतक प्रसूता के भाई एडवोकेट विनय शुक्ल ने कोतवाली नगर में मामले की शिकायत करते हुए जिम्मेदार नर्स से व अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्यवाई करते हुए मुआवजे की मांग किया है। प्रसूूता के भाई ने अजय शुक्ल ने बताया कि घटना की शिकायत मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री के पोर्टल पर भी किया गया है।
वैसे तो जिला महिला अस्पताल में कर्मचारियों के लापरवाही की घटनाए आए दिन सामने आती रहती हैं। शुक्रवार को नर्स की लापरवाही से दो दिन की बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया।
परिजन जहां घर में लक्ष्मी आने की खुशियां मना रहे थे वहीं मिनटों में मातम परस गया। परिजनों की माने तो नर्स ने बिना डॉक्टर के सुझाव लिए इंजेक्शन दे दिया जिससे प्रसूता की कुछ ही देर में मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती अन्य प्रसूताओं के परिजन बताते हैं कि आपरेशन करने के बाद डॉक्टर मरीजों को देखने भी नहीं आते हैं।
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉॅ सुषमा सिंह का सीयूजी नंबर भले ही आपात काल में मदद के लिए दीवारों पर लिखाया गया हो लेकिन वे मरीजों या तीमारदारों का फोन उठाना उचित नहीं समझती। प्रसूता के परिजन दुर्गेश पांडेय ने बताया कि उन्होंने कई बार सीएमएस को फोन करने का प्रयास किया लेकिन उनका फोन नहीं मिला।

पहले भी कई लोगों ने सीएमएस के फोन न उठने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है लेकिन मैडम में रवैये में कोई परिवर्तन नही हुआ। सीएमएस के फोन न उठाने से भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने तो शोसल मीडिया मोर्चा खोलकर जिलाधिकारी से शिकायत करने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed