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Gonda News: अयोध्या से जोड़कर विकसित होगा मंडलीय इको टूरिज्म सर्किट
Mon, 25 May 2026 11:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 25 May 2026 11:02 PM IST
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गोंडा। देवीपाटन मंडल को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंडल के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को एक पर्यटन सर्किट से जोड़ने की व्यापक कार्ययोजना तैयार करानी शुरू की है। योजना का उद्देश्य अयोध्या आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को देवीपाटन मंडल की ओर आकर्षित करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
देवीपाटन मंडल में गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले शामिल हैं। इनमें से तीन जिलों की सीमा नेपाल से जुड़ती है, जबकि गोंडा अयोध्या से सटा हुआ है। इसी भौगोलिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रशासन धार्मिक पर्यटन, बौद्ध पर्यटन और इको टूरिज्म को एक साथ विकसित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
प्रस्तावित पर्यटन सर्किट में बहराइच का कतर्निया घाट वन्यजीव क्षेत्र, बलरामपुर का सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग व देवीपाटन मंदिर, श्रावस्ती में भगवान बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल, गोंडा का स्वामीनारायण छपिया धाम, पार्वती अरगा और कोड़र जैसे प्रमुख स्थलों को शामिल किया जाएगा। इन स्थलों को सड़क मार्ग, पर्यटन सुविधाओं और प्रचार-प्रसार के माध्यम से एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा।
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मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन मंडल में पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। कार्ययोजना के तहत पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर करने, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कतर्नियाघाट और सोहेलवा वन्यजीव क्षेत्रों में जंगल सफारी, प्राकृतिक पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावना तलाशी जा रही है। वहीं श्रावस्ती और छपिया जैसे धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी है।
पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, हस्तशिल्प, धार्मिक सामग्री, स्थानीय उत्पाद और छोटे कारोबारियों को बड़ा लाभ मिलेगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन पर भी रोक लगेगी। ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अयोध्या से मिलेगा पूरे मंडल को फायदा
अधिकारियों का मानना है कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। ऐसे में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को देवीपाटन मंडल के धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों तक पहुंचाने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। इसके लिए सड़क संपर्क सुधारने, मार्ग संकेतक बोर्ड लगाने, पर्यटन सूचना केंद्र विकसित करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रचार-प्रसार बढ़ाने की तैयारी है।
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देवीपाटन मंडल में गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले शामिल हैं। इनमें से तीन जिलों की सीमा नेपाल से जुड़ती है, जबकि गोंडा अयोध्या से सटा हुआ है। इसी भौगोलिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रशासन धार्मिक पर्यटन, बौद्ध पर्यटन और इको टूरिज्म को एक साथ विकसित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
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प्रस्तावित पर्यटन सर्किट में बहराइच का कतर्निया घाट वन्यजीव क्षेत्र, बलरामपुर का सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग व देवीपाटन मंदिर, श्रावस्ती में भगवान बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल, गोंडा का स्वामीनारायण छपिया धाम, पार्वती अरगा और कोड़र जैसे प्रमुख स्थलों को शामिल किया जाएगा। इन स्थलों को सड़क मार्ग, पर्यटन सुविधाओं और प्रचार-प्रसार के माध्यम से एक-दूसरे से जोड़ा जाएगा।
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मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन मंडल में पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। कार्ययोजना के तहत पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर करने, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कतर्नियाघाट और सोहेलवा वन्यजीव क्षेत्रों में जंगल सफारी, प्राकृतिक पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावना तलाशी जा रही है। वहीं श्रावस्ती और छपिया जैसे धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी है।
पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, हस्तशिल्प, धार्मिक सामग्री, स्थानीय उत्पाद और छोटे कारोबारियों को बड़ा लाभ मिलेगा। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन पर भी रोक लगेगी। ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
अयोध्या से मिलेगा पूरे मंडल को फायदा
अधिकारियों का मानना है कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। ऐसे में अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को देवीपाटन मंडल के धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों तक पहुंचाने के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। इसके लिए सड़क संपर्क सुधारने, मार्ग संकेतक बोर्ड लगाने, पर्यटन सूचना केंद्र विकसित करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रचार-प्रसार बढ़ाने की तैयारी है।