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Gonda News: आज खत्म होगा खरमास, फिर गूंजेगी शहनाई
Mon, 13 Apr 2026 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:16 PM IST
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गोंडा। वैदिक पंचांग के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का मांगलिक कार्यों पर विशेष प्रभाव पड़ता है। बीते एक माह से चल रहा खरमास मंगलवार को समाप्त हो जाएगा। इसके बाद बैंडबाजा के साथ सहालग व अन्य मांगलिक कार्यक्रमों की धूम फिर से शुरू हो जाएगी।
ज्योतिषाचार्य पं शेषमणि त्रिपाठी ने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार 15 मार्च को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ खरमास प्रारंभ हुआ था। अब 14 अप्रैल को सुबह 9:38 बजे सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन, व्यवसाय आरंभ जैसे मांगलिक कार्य पुनः शुरू हो जाएंगे। इसके दृष्टिगत ही मैरिज हॉल, बैंक्वेट और कैटरिंग सेवाओं की बुकिंग भी बढ़ने लगेगी।
खरमास में क्यों नहीं होते शुभ कार्य
पंडित राम सुरेश ने बताया कि वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को नवग्रहों का अधिपति और आत्मबल का कारक माना जाता है। जब सूर्य धनु या मीन राशि में होता है, तो उसकी ऊर्जा कुछ मंद मानी जाती है। ऐसे में किए गए मांगलिक कार्य अपेक्षित फल नहीं देते। इस दौरान देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव भी कमजोर माना जाता है, जिसके चलते शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है।
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शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त
अप्रैल: 20, 21, 25, 26, 27, 29, 30
मई: 5, 6, 7, 8, 9, 10, 14
अक्षय तृतीया का अबूझ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य डॉ. संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें बिना पंचांग देखे भी विवाह व अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी (उदयातिथि के अनुसार), जबकि 20 अप्रैल को भी इसका प्रभाव रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य पं शेषमणि त्रिपाठी ने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार 15 मार्च को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ खरमास प्रारंभ हुआ था। अब 14 अप्रैल को सुबह 9:38 बजे सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके बाद विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन, व्यवसाय आरंभ जैसे मांगलिक कार्य पुनः शुरू हो जाएंगे। इसके दृष्टिगत ही मैरिज हॉल, बैंक्वेट और कैटरिंग सेवाओं की बुकिंग भी बढ़ने लगेगी।
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खरमास में क्यों नहीं होते शुभ कार्य
पंडित राम सुरेश ने बताया कि वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को नवग्रहों का अधिपति और आत्मबल का कारक माना जाता है। जब सूर्य धनु या मीन राशि में होता है, तो उसकी ऊर्जा कुछ मंद मानी जाती है। ऐसे में किए गए मांगलिक कार्य अपेक्षित फल नहीं देते। इस दौरान देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव भी कमजोर माना जाता है, जिसके चलते शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है।
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शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त
अप्रैल: 20, 21, 25, 26, 27, 29, 30
मई: 5, 6, 7, 8, 9, 10, 14
अक्षय तृतीया का अबूझ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य डॉ. संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें बिना पंचांग देखे भी विवाह व अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी (उदयातिथि के अनुसार), जबकि 20 अप्रैल को भी इसका प्रभाव रहेगा।