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अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला, भटकती रहीं महिलाएं

Tue, 22 Mar 2022 11:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2022 11:36 PM IST
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फोटो- गोंडा में महिला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में लगा ताला। संवाद - फोटो : GONDA
गोंडा। जिला महिला अस्पताल में हर रोज अल्ट्रासाउंड न होने से दूर दराज से आने वाली गर्भवती को भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में हर रोज करीब पांच सौ महिलाएं इलाज के लिए आती हैं। कई महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने की जरूरत होती है, लेकिन महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने से अल्ट्रासाउंड की जांच नहीं हो पाती। ऐसे में गर्भवती को अल्ट्रासाउंड के लिए खाली पेट भटकना पड़ता है। मंगलवार को महिला अस्पताल के तीनों ओपीडी में महिलाओं का तांता लगा रहा, लेकिन अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला लगा होने के कारण डॉक्टर बाहर से जांच कराने का सुझाव दे रहे हैं। ओपीडी के बाहर खड़ी गुड़िया देवी ने बताया कि उसे डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की जांच करवाने को कहा है लेकिन यहां बताया गया कि आज डॉक्टर नहीं है। इसी तरह अन्य महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए भटकना पड़ रहा है।
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डॉक्टरों के अनुसार, गर्भधारण करने से लेकर प्रसव तक लगभग हर महीने इनकी अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जांच होती है। गर्भ के तीन महीने तक तो पांच जांचें अनिवार्य हैं। इनमें से गर्भधारण, गर्भ की स्थिति, यूरिन, एचआईवी, आरएच फैक्टर और बायोकेमिस्ट्री जांच के बिना इलाज आगे नहीं बढ़ता। महिला अस्पताल आने वाली ज्यादातर गर्भवतियों को शुरुआत से ही मायूसी हाथ लगती है। यहां रेडियोलॉजिस्ट न होने से गर्भ में पल रहे बच्चे की स्थिति पता करना असंभव हो जाता है। ऐसी स्थिति में जब उन्हें आराम की जरूरत होती है तो वे महिला अस्पताल और जिला अस्पताल के बीच अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी जांच के लिए भटक रही होती हैं। यह स्थिति उनकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित होती है।
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सप्ताह में तीन दिन ही होती अल्ट्रासाउंड की जांच
महिला अस्पताल में रेडियोलॉस्टि की नियुक्ति न होने से हर रोज अल्ट्रासाउंड की जांच नहीं हो पाती। सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह के मुताबिक, रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति की कई बार मांग की गयी, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बाहर से दूसरे डॉक्टर का सहयोग लिया जा जाता है। इस कारण सप्ताह के तीन दिन सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को अल्ट्रासाउंड जांच कराई जाती है। प्रयास किया जाता कि जिस दिन अल्ट्रासाउंड जांच हो उसी दिन जांच के लिए लिखा जाय।
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