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Gonda News: संरक्षित व विकसित की जाएं ऐतिहासिक धरोहरें
Tue, 02 Sep 2025 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 02 Sep 2025 11:47 PM IST
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तरबगंज। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह को तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय ने मंगलवार को चार सूत्री मांगपत्र सौंपा। इसमें जिले की ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक स्थलों को संरक्षित व विकसित करने की मांग की गई।
विधायक ने मांगपत्र में टेढ़ी (कुटिला) नदी के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बहराइच की चित्तौरा झील से निकलने वाली यह नदी गोंडा के कटरा, हलधरमऊ, परसपुर, बेलसर, तरबगंज व नवाबगंज ब्लॉक से होते हुए अयोध्या स्थित सरयू नदी में मिल जाती है। किसानों के लिए जीवनदायिनी कही जाने वाली यह नदी वर्तमान में अतिक्रमण और प्रदूषण से प्रभावित है। सिल्ट जमा होने तथा अतिक्रमण के कारण इसका स्वरूप नाले जैसा हो गया है। अमदही में इसके तट पर स्थित अष्टावक्र मुनि का आश्रम भी उपेक्षा का शिकार है। विधायक ने केंद्रीय राज्यमंत्री से टेढ़ी नदी के संरक्षण और सफाई की मांग की। इसके साथ ही जिले की दो प्रमुख झीलों पार्वती अरगा और महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली के नाम से चर्चित कोंडर झील के संरक्षण की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि कभी इन झीलों पर विदेशी पक्षियों का जमावड़ा रहता था, लेकिन साफ-सफाई न होने से उनकी आमद घटती जा रही है। झीलों की सफाई, सुंदरीकरण और जल संरक्षण कर इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
विधायक ने बताया कि कोंडर स्थित महर्षि पतंजलि की जन्मभूमि पर पर्यटन विभाग की ओर से कुछ कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही मंदिर निर्माण और महर्षि पतंजलि की प्रतिमा स्थापना का कार्य वह स्वयं करा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री से इन धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन में सहयोग की मांग की है।
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विधायक ने मांगपत्र में टेढ़ी (कुटिला) नदी के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बहराइच की चित्तौरा झील से निकलने वाली यह नदी गोंडा के कटरा, हलधरमऊ, परसपुर, बेलसर, तरबगंज व नवाबगंज ब्लॉक से होते हुए अयोध्या स्थित सरयू नदी में मिल जाती है। किसानों के लिए जीवनदायिनी कही जाने वाली यह नदी वर्तमान में अतिक्रमण और प्रदूषण से प्रभावित है। सिल्ट जमा होने तथा अतिक्रमण के कारण इसका स्वरूप नाले जैसा हो गया है। अमदही में इसके तट पर स्थित अष्टावक्र मुनि का आश्रम भी उपेक्षा का शिकार है। विधायक ने केंद्रीय राज्यमंत्री से टेढ़ी नदी के संरक्षण और सफाई की मांग की। इसके साथ ही जिले की दो प्रमुख झीलों पार्वती अरगा और महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली के नाम से चर्चित कोंडर झील के संरक्षण की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि कभी इन झीलों पर विदेशी पक्षियों का जमावड़ा रहता था, लेकिन साफ-सफाई न होने से उनकी आमद घटती जा रही है। झीलों की सफाई, सुंदरीकरण और जल संरक्षण कर इन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
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विधायक ने बताया कि कोंडर स्थित महर्षि पतंजलि की जन्मभूमि पर पर्यटन विभाग की ओर से कुछ कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही मंदिर निर्माण और महर्षि पतंजलि की प्रतिमा स्थापना का कार्य वह स्वयं करा रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री से इन धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन में सहयोग की मांग की है।
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