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Gonda News: फर्जी बिलों से चार करोड़ की जीएसटी चोरी, तीन गिरफ्तार
Fri, 27 Mar 2026 11:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 27 Mar 2026 11:12 PM IST
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गोंडा। स्क्रैप (कबाड़) के अवैध कारोबार के जरिए चार करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले संगठित गिरोह का शुक्रवार शाम पुलिस ने खुलासा किया है। नगर कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच/साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी फर्मों और कूटरचित बिलों के जरिए गोंडा से लेकर पंजाब, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक माल की हेराफेरी कर रहा था।
एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि सूरज गुप्ता उर्फ देवी प्रसाद निवासी ग्राम पांडेय टिकरी वजीरगंज (वर्तमान पता- सेक्टर-26, बापूधाम कॉलोनी, चंडीगढ़), शुभम गुप्ता निवासी मोहल्ला पड़ाव नवाबगंज और रामतीरथ वर्णवाल निवासी चौकिया, थाना लंभुआ सुल्तानपुर को पकड़ा गया है। इन आरोपियों का संगठित गिरोह है, जो कूटरचित बिल और इनवॉइस के जरिए स्क्रैप को विभिन्न स्थानों से लोड कराकर पंजाब के गोविंदगढ़ भेजता था।
कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पांच सितंबर 2025 को मुन्नन खां चौराहे के पास एक वाहन को जांच के लिए रोका गया था। वाहन चालक ने बताया कि माल गोंडा के नवाबगंज से लोड किया गया है, जो पंजाब के गोविंदगढ़ भेजा जा रहा है। दस्तावेजों में लोडिंग स्थान छत्तीसगढ़ के रायपुर और डिलीवरी स्थान हिमाचल प्रदेश के शिमला दर्शाया गया था। ई-वे बिल की जांच में दस्तावेजों में कूटरचना की पुष्टि हुई। इनवॉइस में दर्शाए गए वजन से 1,760 किलोग्राम अतिरिक्त माल बिना कर भुगतान के परिवहन किया जा रहा था। कोतवाल ने बताया कि पूरी जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
जांच में छत्तीसगढ़ की संबंधित फर्म विद्या ट्रेडर्स का पंजीकरण निलंबित पाया गया और वह अपने पंजीकृत पते पर संचालित नहीं मिली। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे फर्जी फर्मों के नाम से कूटरचित बिलों का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि इसी प्रकार से फर्जी ई-वे बिल के माध्यम से लगभग सौ से अधिक ट्रकों को भेजा गया है। इससे चार करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करके राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। बताया कि हिमाचल प्रदेश के शिमला की फर्म अविराज ट्रेडर्स व बिहार के पटना का मुनिजी ट्रांसपोर्ट भी जांच में फर्जी पाया गया। बरामदगी और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से चार मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है। तीनों फर्मों के खिलाफ गोंडा के साथ ही मुरादाबाद, आजमगढ़, बरेली, हरदोई, वाराणसी, गाजीपुर में व रामतीरथ वर्णवाल के खिलाफ सुल्तानपुर में आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि सूरज गुप्ता उर्फ देवी प्रसाद निवासी ग्राम पांडेय टिकरी वजीरगंज (वर्तमान पता- सेक्टर-26, बापूधाम कॉलोनी, चंडीगढ़), शुभम गुप्ता निवासी मोहल्ला पड़ाव नवाबगंज और रामतीरथ वर्णवाल निवासी चौकिया, थाना लंभुआ सुल्तानपुर को पकड़ा गया है। इन आरोपियों का संगठित गिरोह है, जो कूटरचित बिल और इनवॉइस के जरिए स्क्रैप को विभिन्न स्थानों से लोड कराकर पंजाब के गोविंदगढ़ भेजता था।
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कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पांच सितंबर 2025 को मुन्नन खां चौराहे के पास एक वाहन को जांच के लिए रोका गया था। वाहन चालक ने बताया कि माल गोंडा के नवाबगंज से लोड किया गया है, जो पंजाब के गोविंदगढ़ भेजा जा रहा है। दस्तावेजों में लोडिंग स्थान छत्तीसगढ़ के रायपुर और डिलीवरी स्थान हिमाचल प्रदेश के शिमला दर्शाया गया था। ई-वे बिल की जांच में दस्तावेजों में कूटरचना की पुष्टि हुई। इनवॉइस में दर्शाए गए वजन से 1,760 किलोग्राम अतिरिक्त माल बिना कर भुगतान के परिवहन किया जा रहा था। कोतवाल ने बताया कि पूरी जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा
जांच में छत्तीसगढ़ की संबंधित फर्म विद्या ट्रेडर्स का पंजीकरण निलंबित पाया गया और वह अपने पंजीकृत पते पर संचालित नहीं मिली। अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे फर्जी फर्मों के नाम से कूटरचित बिलों का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि इसी प्रकार से फर्जी ई-वे बिल के माध्यम से लगभग सौ से अधिक ट्रकों को भेजा गया है। इससे चार करोड़ रुपये से अधिक की जीएसटी चोरी करके राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। बताया कि हिमाचल प्रदेश के शिमला की फर्म अविराज ट्रेडर्स व बिहार के पटना का मुनिजी ट्रांसपोर्ट भी जांच में फर्जी पाया गया। बरामदगी और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से चार मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है। तीनों फर्मों के खिलाफ गोंडा के साथ ही मुरादाबाद, आजमगढ़, बरेली, हरदोई, वाराणसी, गाजीपुर में व रामतीरथ वर्णवाल के खिलाफ सुल्तानपुर में आपराधिक मामले दर्ज हैं।