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आधारकार्ड बनाने में हो रही वसूली
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:20 PM IST
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आधार कार्ड
- फोटो : demo pic
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आधारकार्ड बनाने वाली संस्थाएं नौनिहालों का आधार बनाने में भी अवैध वसूली करने से बाज नहीं आ रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर नौनिहालों का आधारकार्ड बनाने के लिए पहचान पत्र के नाम पर उनके अभिभावकों से अवैध रूप से 20 से 30 रुपये वसूले जा रहे हैं। धानेपुर निवासी राजेंद्र कश्यप ने बीते दिन जिलाधिकारी के काल सेंटर पर शिकायत दर्ज कराते हुए इस वसूली को बंद कराने की मांग की है।
शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत सभी नौनिहालों को आधार से जोड़ने का आदेश दिया है। इसके लिए आधारकार्ड बनाने का ठेका लेने वाली संस्थाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर 0-5 वर्ष के बच्चों का आधार बनाने का निर्देश दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद आधारकार्ड बनाने वाले कर्मचारी बच्चों के अभिभावकों से 20 से 30 रुपये की वसूली कर रहे हैं।
शनिवार को मुजेहना के आंगनबाड़ी केंद्र बाबूरामपुरवा में पंजीकृत बच्चों का आधारकार्ड बनाने के लिए कैंप लगाया गया था। इस केंद्र पर धानेपुर कस्बे के रहने वाले राजेंद्र कश्यप भी अपने बेटे हर्ष का आधारकार्ड बनवाने के लिए गए थे।
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राजेंद्र का कहना है कि बच्चे का आधारकार्ड बनाने के नाम पर उनसे 20 रुपये मांगे गए। जब उन्होंने आधार पंजीयन निशुल्क होने का हवाला दिया तो संस्था के कर्मचारियों ने उनके बेटे का आधार कार्ड बनाने से इंकार कर दिया। अंत में 20 रुपये देने के बाद ही उनके बेटे का आधारकार्ड बनाया जा सका।
यहीं के रहने वाले तिब्बा के बच्चे का आधार बनाने के लिए उनसे 30 रुपये लिए गए। राजेंद्र ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी के काल सेंटर पर करते हुए संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में मुजेहना की प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी गीता श्रीवास्तव का कहना है कि आधार कार्ड बनाने के लिए पैसे लिए जाने का कोई आदेश उनके पास नहीं है, लेकिन ऐसी सूचना मिली है कि संस्था के लोग कागजी कोरम को पूरा करने के लिए बच्चों के अभिभावकाें से कुछ पैसे ले रहे हैं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
जिले के 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3.83 लाख बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है। इन बच्चों का आधार कार्ड बनाए जाने के साथ साथ इसकी आनलाइन फीडिग भी कराई जाने के निर्देश भी शासन ने दे रखा है। लेकिन संस्थाओं की ढिलाई से जिले में अभी मात्र 10 हजार बच्चों का ही आधार कार्ड बनाया जा सका है।
मुजेहना में आधारकार्ड बनाने का काम करा रही संस्था केडीएस सर्विसेज के निदेशक दीपक कुमार पांडेय का कहना है कि जिन बच्चों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, उनका आधारकार्ड नहीं बनाया जा सकता है। ऐसे में डाक्यूमेंट को पूरा करने के लिए बच्चों के अभिभावकों से 20 रुपये लिए जा रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी गोंडा त्रिलोकी सिंह का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों का आधारकार्ड निशुल्क बनाए जाने का निर्देश है। अगर कोई संस्था रुपये वसूल रही है तो जांच कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत सभी नौनिहालों को आधार से जोड़ने का आदेश दिया है। इसके लिए आधारकार्ड बनाने का ठेका लेने वाली संस्थाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर 0-5 वर्ष के बच्चों का आधार बनाने का निर्देश दिया गया है। लेकिन इसके बावजूद आधारकार्ड बनाने वाले कर्मचारी बच्चों के अभिभावकों से 20 से 30 रुपये की वसूली कर रहे हैं।
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शनिवार को मुजेहना के आंगनबाड़ी केंद्र बाबूरामपुरवा में पंजीकृत बच्चों का आधारकार्ड बनाने के लिए कैंप लगाया गया था। इस केंद्र पर धानेपुर कस्बे के रहने वाले राजेंद्र कश्यप भी अपने बेटे हर्ष का आधारकार्ड बनवाने के लिए गए थे।
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राजेंद्र का कहना है कि बच्चे का आधारकार्ड बनाने के नाम पर उनसे 20 रुपये मांगे गए। जब उन्होंने आधार पंजीयन निशुल्क होने का हवाला दिया तो संस्था के कर्मचारियों ने उनके बेटे का आधार कार्ड बनाने से इंकार कर दिया। अंत में 20 रुपये देने के बाद ही उनके बेटे का आधारकार्ड बनाया जा सका।
यहीं के रहने वाले तिब्बा के बच्चे का आधार बनाने के लिए उनसे 30 रुपये लिए गए। राजेंद्र ने इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी के काल सेंटर पर करते हुए संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में मुजेहना की प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी गीता श्रीवास्तव का कहना है कि आधार कार्ड बनाने के लिए पैसे लिए जाने का कोई आदेश उनके पास नहीं है, लेकिन ऐसी सूचना मिली है कि संस्था के लोग कागजी कोरम को पूरा करने के लिए बच्चों के अभिभावकाें से कुछ पैसे ले रहे हैं। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
जिले के 3095 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 3.83 लाख बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है। इन बच्चों का आधार कार्ड बनाए जाने के साथ साथ इसकी आनलाइन फीडिग भी कराई जाने के निर्देश भी शासन ने दे रखा है। लेकिन संस्थाओं की ढिलाई से जिले में अभी मात्र 10 हजार बच्चों का ही आधार कार्ड बनाया जा सका है।
मुजेहना में आधारकार्ड बनाने का काम करा रही संस्था केडीएस सर्विसेज के निदेशक दीपक कुमार पांडेय का कहना है कि जिन बच्चों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, उनका आधारकार्ड नहीं बनाया जा सकता है। ऐसे में डाक्यूमेंट को पूरा करने के लिए बच्चों के अभिभावकों से 20 रुपये लिए जा रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी गोंडा त्रिलोकी सिंह का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों का आधारकार्ड निशुल्क बनाए जाने का निर्देश है। अगर कोई संस्था रुपये वसूल रही है तो जांच कराकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।