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Gonda News: पठान से मीर शिकार बन गए थे चेयरमैन खरगूपुर
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गोंडा में लाल मोहम्मद। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। जाति छिपाकर प्रमाण पत्र हासिल किए जाने के मामलों में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। अब खरगूपुर नगर पंचायत के चेयरमैन लाल मोहम्मद का भी पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। वह पठान से पिछड़े वर्ग के जाति प्रमाण पत्र के लिए मीर शिकार जाति के बन गए थे। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने उनका प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है।
साल 2017 में खरगूपुर नगर पंचायत चेयरमैन की सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित थी। सपा प्रत्याशी लाल मोहम्मद ने उस समय मीर शिकार जाति दिखाकर पिछड़े वर्ग का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया। चुनाव लड़े और जीत गए। इसके बाद जांच में यह बात सामने आई कि वह मीर शिकार जाति के नहीं हैं। उनके परिवार के जाति को खंगाला गया।
स्थानीय लोगों से पूछताछ से तय हुआ कि वह पठान जाति हैं। इसके बाद समिति ने उनका पक्ष सुना। निर्णय हुआ कि पठान यानि सामान्य वर्ग में शामिल हैं। उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गौरव स्वर्णकार ने बताया कि जाति प्रमाण निरस्त कर रिपोर्ट भेज दी गई है।
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पूर्व चेयरमैन का भी निरस्त हो चुका जाति प्रमाण पत्र
खरगूपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन राजीव कुमार रस्तोगी का जाति प्रमाण पत्र भी साल 2017 में निरस्त हो चुका है। उन्होंने 4 मई 2017 को नगर पालिका परिषद गोंडा के राजा मोहल्ले का निवासी बताते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की उप जाति सुनार का प्रमाण पत्र लिया था। उस समय जाति प्रमाण पत्र को सदर तहसील में सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया गया था। बाद में पूर्व चेयरमैन ने चुनौती दी थी।
जिला पंचायत सदस्य का भी निरस्त हो चुका है जाति प्रमाण पत्र
सदर तहसील के लक्ष्मनपुर लालनगर की सकीना पत्नी इरफान ने 4 अप्रैल 2021 को फकीर जाति दिखाकर पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी करा लिया। इसके बाद इटियाथोक द्वितीय जिला पंचायत सदस्य सीट से बीते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चुनाव लड़ीं और चुनाव जीत गईं।
नायब तहसीलदार खरगूपुर ने प्रमाण पत्र की जांच की। सकीना पत्नी इरफान के पिता खालिक पुत्र हसमत अली जीतपुर तहसील तुलसीपुर बलरामपुर के रहने वाले हैं। वहां से जांच कराने पर पता चला कि यह भांट जाति की है, जोकि अनुसूचित जाति या पिछड़ी जाति की श्रेणी में नहीं आता है।
खुलासे के बाद सीआरओ ने फिर से जांच कराई और मामले की पुष्टि हुई कि भांट मुस्लिम जाति पिछड़े वर्ग में नहीं आते हैं, यह सामान्य जाति की श्रेणी में आते है। ऐसे में जारी किया गया प्रमाण पत्र 24 जुलाई 2021 को ही निरस्त कर दिया गया।
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साल 2017 में खरगूपुर नगर पंचायत चेयरमैन की सीट पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित थी। सपा प्रत्याशी लाल मोहम्मद ने उस समय मीर शिकार जाति दिखाकर पिछड़े वर्ग का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया। चुनाव लड़े और जीत गए। इसके बाद जांच में यह बात सामने आई कि वह मीर शिकार जाति के नहीं हैं। उनके परिवार के जाति को खंगाला गया।
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स्थानीय लोगों से पूछताछ से तय हुआ कि वह पठान जाति हैं। इसके बाद समिति ने उनका पक्ष सुना। निर्णय हुआ कि पठान यानि सामान्य वर्ग में शामिल हैं। उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी गौरव स्वर्णकार ने बताया कि जाति प्रमाण निरस्त कर रिपोर्ट भेज दी गई है।
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पूर्व चेयरमैन का भी निरस्त हो चुका जाति प्रमाण पत्र
खरगूपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन राजीव कुमार रस्तोगी का जाति प्रमाण पत्र भी साल 2017 में निरस्त हो चुका है। उन्होंने 4 मई 2017 को नगर पालिका परिषद गोंडा के राजा मोहल्ले का निवासी बताते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग की उप जाति सुनार का प्रमाण पत्र लिया था। उस समय जाति प्रमाण पत्र को सदर तहसील में सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया गया था। बाद में पूर्व चेयरमैन ने चुनौती दी थी।
जिला पंचायत सदस्य का भी निरस्त हो चुका है जाति प्रमाण पत्र
सदर तहसील के लक्ष्मनपुर लालनगर की सकीना पत्नी इरफान ने 4 अप्रैल 2021 को फकीर जाति दिखाकर पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी करा लिया। इसके बाद इटियाथोक द्वितीय जिला पंचायत सदस्य सीट से बीते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चुनाव लड़ीं और चुनाव जीत गईं।
नायब तहसीलदार खरगूपुर ने प्रमाण पत्र की जांच की। सकीना पत्नी इरफान के पिता खालिक पुत्र हसमत अली जीतपुर तहसील तुलसीपुर बलरामपुर के रहने वाले हैं। वहां से जांच कराने पर पता चला कि यह भांट जाति की है, जोकि अनुसूचित जाति या पिछड़ी जाति की श्रेणी में नहीं आता है।
खुलासे के बाद सीआरओ ने फिर से जांच कराई और मामले की पुष्टि हुई कि भांट मुस्लिम जाति पिछड़े वर्ग में नहीं आते हैं, यह सामान्य जाति की श्रेणी में आते है। ऐसे में जारी किया गया प्रमाण पत्र 24 जुलाई 2021 को ही निरस्त कर दिया गया।