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Gonda: बैराजों से छोड़ा गया पानी बना आफत, एक लाख लोग बाढ़ में फंसे, नावों का इंतजाम कर रहा प्रशासन
Tue, 20 Sep 2022 04:42 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2022 04:42 PM IST
सार
बैराजों से छोड़ा गया पानी करीब 20 गांव के लोगों के लिए आफत बन गया है। यहां करीब एक लाख लोग बाढ़ में फंस गए हैं।
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उमरीबेगमगंज के ऐली परसौली में छप्पर के घर में भरा पानी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सरयू में नेपाल से बैराजों से छोड़े गए पानी का डिस्चार्ज बढ़ने के साथ ही नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। करनैलगंज क्षेत्र के दो और तरबगंज के 20 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इन गांवों की एक लाख से अधिक आबादी बाढ़ में फंसी है। सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की जद्दोजहद में लोग परेशान हैं। प्रशासन की ओर से नावों के साथ ही राहत सामग्री और आश्रय स्थल की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल अभी गांवों में फंसे लोग पानी और बढ़ने का इंतजार भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि पानी कम हो सकता है।
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सरयू (घाघरा) में लगातार बढ़ रहे जलस्तर से करनैलगंज की दो ग्राम पंचायतों नकहरा और चंदापुर किटौली के 12 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिसमें राधे पुरवा, तीरथराम पुरवा, पुहिन पुरवा, बसंत लाल पुरवा, मछारन पुरवा, संभर पुरवा, छंगूलाल पुरवा, देवकिशन पुरवा, खाले पुरवा एवं दुलारे पुरवा आदि शामिल हैं। इन सभी गांवों में करीब तीन फीट पानी भरा हुआ है। वहीं, गोंडा-बाराबंकी की सीमा पर बसे आधा दर्जन से अधिक गांव बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। वहीं घाघरा के जलस्तर का बढ़ना जारी है। बारिश और बाढ़ के चलते सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। नदी में तीन लाख आठ हजार से अधिक पानी डिस्चार्ज किया गया है, जिससे अभी पानी और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। मगर अधिकारियों की मानें तो जलस्तर स्थिर है और डिस्चार्ज जारी है। शनिवार शाम गोंडा-बाराबंकी जिले की सीमा पर स्थित माझा रायपुर, नउवनपुरवा, परसावल, नेपुरा, कमियार गांव में पानी पहुंच गया था। वहीं सोमवार को इन गांवों के लगभग सभी घरों में पानी भर घुस गया।
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उप जिलाधिकारी हीरालाल ने मौके पर पहुंचकर बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण किया और गांव में नाव की व्यवस्था कराई। ग्रामीणों को निकलवा कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। एहतियात के तौर पर राजस्व टीम गांव में तैनात कर दी गई है और बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
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कई गांवों में संपर्क मार्ग कटे, लगाई गईं 32 नाव
तरबगंज में सरयू नदी के बढ़े जलस्तर ने तहसील क्षेत्र के कई गांवों को अपनी जद में ले लिया है। बाढ़ प्रभावित कई मजरों में संपर्क मार्ग कट गए हैं। आवागमन को लेकर प्रशासन ने नावों की संख्या भी बढ़ा दी है। सोमवार को बाढ़ आपदा नियंत्रक व तहसीलदार पुष्कर मिश्रा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र ब्योंदा माझा व आसपास क्षेत्र का निरीक्षण कर उन्हें आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नदी के अचानक बढ़े जलस्तर से बाढ़ की चपेट में तमाम गांव आ गए हैं, जिनमें अइली परसौली, दत्तनगर, बहादुरपुर, दुल्लापुर, तुलसीपुर माझा, गढ़ी, परास पट्टी मझवार, जबरनगर, माझा राठ, दुर्गागंज, ब्योंदा माझा, ब्योंदा उपरहर, पलिया चरौठा, बनगांव सहित कई गांव शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन के लिए 32 नावें लगाई गई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कई ग्रामसभाएं तो शत-प्रतिशत बाढ़ की चपेट में आ गई हैं तो कुछ ग्रामसभाओं के कुछ मजरे अभी जद में आए हैं। तहसीलदार पुष्कर मिश्रा ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों को आवश्यक सुविधा व राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ चौकियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ चौकी के साथ ही क्लीनिक सेंटर भी बनाए गए हैं।
पीड़ितों को दी जा रही राहत सामग्री
अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी का कहना है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुुए बाढ़ चौकियों पर व्यवस्था की गई है। गांवों से आ रहे लोगों को राहत सामग्री दिए जाने की व्यवस्था की जा रही है। दोनों तहसीलों के एसडीएम नियमित निगरानी कर रहे हैं और व्यवस्था बनाए हुए हैं।