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Gonda News: बिना एप्रेन पहने उपचार करते मिले इमरजेंसी प्रभारी
Wed, 10 Sep 2025 11:35 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 10 Sep 2025 11:35 PM IST
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जांच करते नोडल अधिकारी।
गोंडा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बुधवार को निरीक्षण करने पहुंचे स्टेट नोडल अधिकारी (इमरजेंसी एंड ट्रामा सर्विसेज) प्रो. एलडी मिश्र को इमरजेंसी प्रभारी बिना एप्रेन पहने उपचार करते मिले। डॉक्टर व स्टॉफ इमरजेंसी प्रबंधन का सही तरीका नहीं बता सके। नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए डॉक्टरों व जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई।
बुधवार को दोपहर बाद प्रो.एलडी मिश्र ने सबसे पहले इमरजेंसी का निरीक्षण किया। यहां इमरजेंसी के प्रभारी डॉ. एमके गुप्ता बिना एप्रेन पहने मरीजों का इलाज कर रहे थे। नोडल अधिकारी ने पूछा आप डॉक्टर हो..? एप्रेन क्यों नहीं पहने। आपको कोई डॉक्टर कैसे जानेगा। फटकार के बाद प्रभारी ने एक नर्सिंग स्टॉफ का एप्रेन मांगकर पहना।
डॉक्टर, जूनियर रेजीडेंट व फार्मासिस्ट से बारी-बारी से जीवन रक्षक दवाओं के डोज व लगाने के तरीके सहित इमरजेंसी प्रबंधन की अन्य जानकारी ली। अधिकांश लोग सही जवाब नहीं दे पाए। हार्ट अटैक में जीवनरक्षक की भूमिका निभाने वाला डिफिब्रिलेटर भी इमरजेंसी में नहीं मिला। जिस पर नोडल अधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी सहित अन्य स्थानों पर निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह, अस्पताल प्रबंधक डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. दीक्षा द्विवेदी, डॉ. रजनीश सिंह आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को दोपहर बाद प्रो.एलडी मिश्र ने सबसे पहले इमरजेंसी का निरीक्षण किया। यहां इमरजेंसी के प्रभारी डॉ. एमके गुप्ता बिना एप्रेन पहने मरीजों का इलाज कर रहे थे। नोडल अधिकारी ने पूछा आप डॉक्टर हो..? एप्रेन क्यों नहीं पहने। आपको कोई डॉक्टर कैसे जानेगा। फटकार के बाद प्रभारी ने एक नर्सिंग स्टॉफ का एप्रेन मांगकर पहना।
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डॉक्टर, जूनियर रेजीडेंट व फार्मासिस्ट से बारी-बारी से जीवन रक्षक दवाओं के डोज व लगाने के तरीके सहित इमरजेंसी प्रबंधन की अन्य जानकारी ली। अधिकांश लोग सही जवाब नहीं दे पाए। हार्ट अटैक में जीवनरक्षक की भूमिका निभाने वाला डिफिब्रिलेटर भी इमरजेंसी में नहीं मिला। जिस पर नोडल अधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक, पैथोलॉजी सहित अन्य स्थानों पर निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीएन सिंह, अस्पताल प्रबंधक डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. दीक्षा द्विवेदी, डॉ. रजनीश सिंह आदि मौजूद रहे।
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