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सफल बनने के लिए अनुशासन जरूरी
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 17 Jan 2017 10:48 PM IST
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गोष्ठी में शामिल छात्र-छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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अनुशासन का जीवन में बहुत ही महत्व है। अनुशासन में रह कर ही छात्र-छात्राएं जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जिस संस्था, परिवार या समूह में अनुशासन न हो वह कभी भी आगे नहीं बढ़ सकता है। युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के पद चिन्हों पर चल कर उनके सपनों का भारत बनाने में खास कर छात्र-छात्राओं को आगे आना चाहिए। तभी देश आगे बढ़ सकता है।
उपरोक्त बातें सोमवार को महाकवि तुलसीदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय परसपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत विषय पर विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता अखिल भारतीय परिषद के विभाग संगठन मंत्री पंकज पाठक ने कही।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीना सिंह ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के पद चिन्हों पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि छात्रों को अपने देश, प्रदेश के उन्नति वा विकास के बारे में हर वक्त चिंतन करना चाहिए। स्वस्थ युवा ही राष्ट्र के धरोहर है। युवाओं के कंधे पर देश का दारोमदार टिका है। मुख्य अतिथि संदीप सिंह, विशिष्ठ अतिथि एबी सिंह, कार्यक्रमाधिकारी डॉ. ओपी सिंह ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन डा शिवप्रकाश सिंह ने किया।
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उपरोक्त बातें सोमवार को महाकवि तुलसीदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय परसपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत विषय पर विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता अखिल भारतीय परिषद के विभाग संगठन मंत्री पंकज पाठक ने कही।
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महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वीना सिंह ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद के पद चिन्हों पर चलने का आह्वान करते हुए कहा कि छात्रों को अपने देश, प्रदेश के उन्नति वा विकास के बारे में हर वक्त चिंतन करना चाहिए। स्वस्थ युवा ही राष्ट्र के धरोहर है। युवाओं के कंधे पर देश का दारोमदार टिका है। मुख्य अतिथि संदीप सिंह, विशिष्ठ अतिथि एबी सिंह, कार्यक्रमाधिकारी डॉ. ओपी सिंह ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन डा शिवप्रकाश सिंह ने किया।
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