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Gonda News: देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, पंडाल हो रहे तैयार
Mon, 22 Sep 2025 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:50 PM IST
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वाराही देवी मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के लिए पहुंचे श्रद्धालु। - संवाद
गोंडा। नवरात्र के पहले दिन जिले के विभिन्न देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देवी मां के दर्शन-पूजन का सिलसिला दिनभर चलता रहा। साथ ही नौ दिवसीय अनुष्ठान भी शुरू हो गया। घरों में कलश स्थापना के साथ ही अखंड ज्योति जलाकर मां की आराधना की गई।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ के साथ व्रत धारण किया। महिलाओं ने विधिविधान से कलश स्थापित किया। कलश के ऊपर ज्योति जलाई गई। प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की पूजा की गई।
शहर के खैरा भवानी मंदिर, काली भवानी मंदिर, मनकापुर के श्रीबानगढ़ देवी मंदिर, मुजेहना के मुंगरौल देवी आदि मंदिरों में भोर से रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। उमरीबेगमगंज के मुकुंदपुर स्थित मां वाराही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। नवरात्र के प्रथम दिन से कई स्थानों पर देवीभागवत कथा भी शुरू हो गई है। पंडाल में प्रतिमाओं को स्थापित करने का क्रम चल रहा है।
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त्रेतायुग में हुई थी काली भवानी मंदिर की स्थापना
शहर के स्टेशन रोड स्थित काली भवानी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर त्रेतायुग में स्थापित किया गया था। अयोध्या नरेश दशरथ के पिता राजा दिलीप ने काली भवानी मंदिर की स्थापना कराकर पूजा-अर्चना की थी। शहर के बीच स्थित इस मंदिर में हमेशा भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन नवरात्र में भीड़ बढ़ जाती है। यहां सोमवार और शुक्रवार को मेला लगता है।
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शारदीय नवरात्र के पहले दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने पूजा-पाठ के साथ व्रत धारण किया। महिलाओं ने विधिविधान से कलश स्थापित किया। कलश के ऊपर ज्योति जलाई गई। प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की पूजा की गई।
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शहर के खैरा भवानी मंदिर, काली भवानी मंदिर, मनकापुर के श्रीबानगढ़ देवी मंदिर, मुजेहना के मुंगरौल देवी आदि मंदिरों में भोर से रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। उमरीबेगमगंज के मुकुंदपुर स्थित मां वाराही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। नवरात्र के प्रथम दिन से कई स्थानों पर देवीभागवत कथा भी शुरू हो गई है। पंडाल में प्रतिमाओं को स्थापित करने का क्रम चल रहा है।
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त्रेतायुग में हुई थी काली भवानी मंदिर की स्थापना
शहर के स्टेशन रोड स्थित काली भवानी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर त्रेतायुग में स्थापित किया गया था। अयोध्या नरेश दशरथ के पिता राजा दिलीप ने काली भवानी मंदिर की स्थापना कराकर पूजा-अर्चना की थी। शहर के बीच स्थित इस मंदिर में हमेशा भक्तों की भीड़ रहती है, लेकिन नवरात्र में भीड़ बढ़ जाती है। यहां सोमवार और शुक्रवार को मेला लगता है।