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Gonda News: बादल छाए, किसान घबराए, सता रही फसल की चिंता
Fri, 03 Apr 2026 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 03 Apr 2026 11:23 PM IST
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सहजौरा में फसल की कटाई करता किसान रामकरन यादव का परिवार। - संवाद
गोंडा। जिले में गेहूं की फसल कटाई के अंतिम दौर में है, लेकिन मौसम का बिगड़ता मिजाज किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहे और तेज हवा चलने से किसान घबरा गए। संभावित बारिश के डर से किसान पूरे परिवार के साथ खेतों में उतरकर फसल काटने और सहेजने में जुटे रहे।
गोड़वा निवासी किसान सालिगराम ने बताया कि कई दिन से मौसम का रुख अस्थिर बना हुआ है। तेज हवा और बादलों के कारण बारिश की आशंका बनी हुई है। यदि बारिश हुई तो खड़ी फसल को नुकसान होगा और गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं।
पिपरा के किसान रामू ने बताया कि उनकी फसल लगभग कट चुकी है और अब बोझ बनाकर मड़ाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौसम को लेकर चिंता बनी हुई है। अगर इस दौरान आंधी या बारिश हुई तो पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है और फसल सहेजना मुश्किल हो जाएगा।
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किसान इन दिनों खेतों में तैयार खड़ी फसल पर नजर टिकाए हैं। एक सप्ताह से मौसम में लगातार बदलाव ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। 22 मार्च को आई तेज आंधी और बारिश में कई जगह गेहूं की फसल गिर चुकी है, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे में अब फिर बारिश होने की आशंका किसानों के लिए और बड़ा संकट बन सकती है।
तेज बारिश की संभावना नहीं
लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र गोपाल ग्राम के वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु के अनुसार शुक्रवार को करीब 27 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और दूसरा सात अप्रैल को सक्रिय होगा, जिससे बादल आते-जाते रहेंगे। तापमान में हल्की गिरावट संभव है, लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि कहीं-कहीं हल्की फुहार पड़ सकती है।
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गोड़वा निवासी किसान सालिगराम ने बताया कि कई दिन से मौसम का रुख अस्थिर बना हुआ है। तेज हवा और बादलों के कारण बारिश की आशंका बनी हुई है। यदि बारिश हुई तो खड़ी फसल को नुकसान होगा और गेहूं के दाने काले पड़ सकते हैं।
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पिपरा के किसान रामू ने बताया कि उनकी फसल लगभग कट चुकी है और अब बोझ बनाकर मड़ाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौसम को लेकर चिंता बनी हुई है। अगर इस दौरान आंधी या बारिश हुई तो पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है और फसल सहेजना मुश्किल हो जाएगा।
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किसान इन दिनों खेतों में तैयार खड़ी फसल पर नजर टिकाए हैं। एक सप्ताह से मौसम में लगातार बदलाव ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। 22 मार्च को आई तेज आंधी और बारिश में कई जगह गेहूं की फसल गिर चुकी है, जिससे दानों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे में अब फिर बारिश होने की आशंका किसानों के लिए और बड़ा संकट बन सकती है।
तेज बारिश की संभावना नहीं
लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केंद्र गोपाल ग्राम के वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु के अनुसार शुक्रवार को करीब 27 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है और दूसरा सात अप्रैल को सक्रिय होगा, जिससे बादल आते-जाते रहेंगे। तापमान में हल्की गिरावट संभव है, लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है। हालांकि कहीं-कहीं हल्की फुहार पड़ सकती है।