फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   center,Child

कुपोषण से जूझ रहे मासूम, पोषण पुनर्वास केंद्र खाली

Tue, 08 Mar 2022 11:26 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 11:26 PM IST
विज्ञापन
center,Child
फोटो-14 गोंडा में जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चे के मां को उचित पोषण का सुझाव देत - फोटो : GONDA
गोंडा। जिले में अति कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित है। अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कर मानक के अनुरूप डाइट दी जाती है ताकि बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाई जा सके। पिछले काफी दिनों से अति कुपोषित बच्चे नहीं भर्ती कराए जा रहे हैं। मंगलवार को सिर्फ एक बच्चा केंद्र में भर्ती था। पूर्व में अधिकारियों नें केंद्र का निरीक्षण कर निर्देश दिया था कि कुपोषित बच्चों को भर्ती कराकर उनका उपचार कराया जाए, लेकिन कोई अमल नहीं किया गया।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार बच्चों के विकास के लिए तमाम योजनाएं चला रही है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ गर्भवती माताओं व बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। उचित खानपान की व्यवस्था न होने के कारण बच्चे कुपोषित हो रहे हैं। जिले में 7836 बच्चे अतिकुपोषित तथा 21000 बच्चे कुपोषित हैं।इन अति कुपोषित बच्चों के उपचार के प्रति कोई संजीदा नहीं है। पिछले दिनों सीडीओ व प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने निरीक्षण कर बच्चों के भर्ती न कराए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी। साथ ही निर्देश दिया था कि अति कुपोषित बच्चों को यहां भर्ती कराया जाए लेकिन इसको लेकर कोई गंभीरता नहीं बरती जा रही है। न तो बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से जुड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं इसमें रूचि ले रही हैं और न ही स्वास्थ्य विभाग। इसका नतीजा है कि मंगलवार को भी महज एक बच्चा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती था। मंगलवार को पोषण पुनर्वास केंद्र पर हलधरमऊ के वरांवा निवासी प्रतीक को भर्ती कराया गया था। चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र पर उन बच्चों को भर्ती किया है जो अति कुपोषित हैं इसके लिए केंद्र पर दस बेड की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन

कुपोषित बच्चों की मां को मिलता भत्ता
अतिकुपोषित बच्चों के साथ उनकी मां को भी 14 दिनों तक पोषण पुनर्वास केंद्र में रखा जाता है। जिसके लिए बच्चों के मां को 50 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से 700 रुपया तथा 15वें दिन 140 रुपये भत्ता दिया जाता है। वहीं साथ में रहने वाली अतिकुपोषित बच्चों की माता को दोनों समय का भोजन दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण के चलते पोषण पुनर्वास केंद्र पर कुपोषित बच्चों की संख्या कम हो गई। लेकिन अब फिर से आशा तथा आंगनबाड़ी कर्मियों को कुपोषित बच्चों की भर्ती कराने का निर्देश दिया गया है। ओपीडी में भी आने वाले अति कुपोषित श्रेणी के बच्चों के अभिभावकों को भी पोषण पुनर्वास केंद्र के बारे में जानकारी दी जाती है। डॉ. आरएस गुप्ता, नोडल अधिकारी पोषण पुनर्वास केंद्र
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed