{"_id":"699de5dc72e2159cf601dc3e","slug":"a-man-convicted-of-a-murderous-assault-gets-five-years-imprisonment-gonda-news-c-100-1-slko1026-152991-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: जानलेवा हमले में एक दोषी को पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: जानलेवा हमले में एक दोषी को पांच साल की सजा
Tue, 24 Feb 2026 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:24 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। 34 वर्ष पुराने जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राजेश कुमार ने मंगलवार को मुबारक को दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कारावास और 36 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मामले में साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
मामला परसपुर के ग्राम दुरदुरवापुर मौजा मरचौर का है। पीड़ित माता प्रसाद ने एक जून 1992 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि रात में गन्ने की रखवाली करते समय ग्राम मरचौर के मजरा भयापुरवा निवासी मुबारक, रामसंवारे, भगवानदीन लोहार और दुरदुरवापुर के जगन्नाथ ने उन्हें मारने के इरादे से दौड़ा लिया। शोर मचाने पर उनका बेटा संचित कुमार और गांव के नीबर, रामदेव व सुकई मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने तमंचे से फायरिंग कर दी, जिससे संचित कुमार, नीबर और रामदेव घायल हो गए। ग्रामीणों ने मुबारक को मौके पर पकड़ लिया था।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। लंबी सुनवाई के दौरान आरोपी रामसंवारे की मृत्यु हो गई। न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर मुबारक को दोषी करार दिया और भगवानदीन लोहार व जगन्नाथ को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला परसपुर के ग्राम दुरदुरवापुर मौजा मरचौर का है। पीड़ित माता प्रसाद ने एक जून 1992 को थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि रात में गन्ने की रखवाली करते समय ग्राम मरचौर के मजरा भयापुरवा निवासी मुबारक, रामसंवारे, भगवानदीन लोहार और दुरदुरवापुर के जगन्नाथ ने उन्हें मारने के इरादे से दौड़ा लिया। शोर मचाने पर उनका बेटा संचित कुमार और गांव के नीबर, रामदेव व सुकई मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने तमंचे से फायरिंग कर दी, जिससे संचित कुमार, नीबर और रामदेव घायल हो गए। ग्रामीणों ने मुबारक को मौके पर पकड़ लिया था।
विज्ञापन
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। लंबी सुनवाई के दौरान आरोपी रामसंवारे की मृत्यु हो गई। न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर मुबारक को दोषी करार दिया और भगवानदीन लोहार व जगन्नाथ को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
विज्ञापन