फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   5911 people suffering from severe malnutrition, only five admitted in NRC

Gonda News: 5911 अति कुपोषण पीड़ित, एनआरसी में सिर्फ पांच भर्ती

Wed, 09 Jul 2025 12:00 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Wed, 09 Jul 2025 12:00 AM IST
विज्ञापन
5911 people suffering from severe malnutrition, only five admitted in NRC
गोंडा। जिले में कुपोषण मुक्त अभियान बेपटरी नजर आने लगा है। इसके चलते ही जिले के 5911 बच्चे अति कुपोषण से जूझ रहे हैं जबकि, मेडिकल कॉलेज में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में सिर्फ पांच बच्चे ही भर्ती हैं।
विज्ञापन

अति कुपोषित बच्चों को सामान्य बच्चों की श्रेणी में लाने के लिए किए जा रहे प्रयास फिलहाल कागजी साबित हो रहे हैं। जमीनी हकीकत इससे इतर है। इसका अंदाजा इसी दिखता है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में वर्तमान में 5911 बच्चों को अति कुपोषित श्रेणी में चयनित किया गया है। मेडिकल कॉलेज में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में सिर्फ पांच बच्चे भर्ती हैं।
विज्ञापन

ऐसे अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी तक पहुंचाने में विभाग के जिम्मेदार कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कुपोषण मुक्त जिले की कल्पना के साथ मेडिकल कॉलेज में कई साल पहले एनआरसी का संचालन शुरू किया गया था। गंभीर रूप से बीमार अति कुपोषित बच्चों को डॉक्टर के परामर्श पर एनआरसी में 14 दिन के लिए भर्ती किया जाता है। डॉक्टर लगातार बच्चों का चेकअप कर उन्हें जरूरी दवाओं के साथ-साथ पौष्टिक आहार देने की सलाह देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए डायटीशियन की नियुक्ति की गई है। इसके बावजूद अति कुपोषित बच्चे एनआरसी में नहीं पहुंच पा रहे हैं। वर्तमान में एनआरसी में सिर्फ पांच अति कुपोषित बच्चे ही भर्ती हैं। नियमानुसार इन बच्चों को महिला बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एनआरसी में भर्ती कराना चाहिए, लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही से बच्चे एनआरसी तक नहीं पहुंच रहे हैं।



पांच साल तक के बच्चों को ही किया जाता भर्ती
एनआरसी में जन्म से पांच साल तक के अति कुपोषित बच्चों को भर्ती किया जाता है। बच्चे के साथ रहने वाले परिवार के एक सदस्य को नाश्ते के साथ-साथ दोनों वक्त का खाना और 100 रुपये दिन के हिसाब से प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। यहां बच्चे का इलाज पूरी तरह मुफ्त होता है। इसके बावजूद अति कुपोषित बच्चे यहां नहीं पहुंच रहे हैं।



निरीक्षण के दौरान एनआरसी में पांच बेड खाली मिले। जिसके लिए आंगनबाड़ी व आरबीएसके के कर्मियों को निर्देशित किया गया है। जो बच्चे अति गंभीर श्रेणी में आते हैं, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के बाद भर्ती करने की की जरूरत होती है।


अभिषेक दूबे, सीडीपीओ/ प्रभारी डीपीओ
एक नजर में

पांच वर्ष तक कुल बच्चे- 292796



अति कुपोषित सैम - 5911

मध्यम कुपोषित मैम- 15736



मई महीने में सैम से मैम में आए बच्चे- 1132
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed