{"_id":"68a611021e2fdff2d3017dde","slug":"56-took-admission-in-the-second-batch-of-mbbs-gonda-news-c-100-1-brp1002-142566-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: एमबीबीएस के दूसरे बैच में 56 ने लिया प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: एमबीबीएस के दूसरे बैच में 56 ने लिया प्रवेश
Wed, 20 Aug 2025 11:46 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 20 Aug 2025 11:46 PM IST
विज्ञापन
सूची में अपना नाम देखते छात्र।
गोंडा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में स्टेट कोटे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार शाम तक 85 सीटों की तुलना में 56 सीटों पर छात्रों ने प्रवेश लिया। अक्तूबर से दूसरे बैच के लिए एकेडमिक ब्लॉक में कक्षाएं शुरू होंगी।
मेडिकल कॉलेज में ऑल इंडिया कोटे के बाद मंगलवार से राज्य कोटे की 85 सीटों पर प्रवेश शुरू हो गया। बुधवार तक 56 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। अक्तूबर से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। पहले दो सप्ताह तक फाउंडेशन कक्षाएं चलेंगी। इसमें छात्र-छात्राओं को चिकित्सा शिक्षा के व्यावहारिक ज्ञान, गोंडा के परिवेश, हॉस्टल व अस्पताल के विषय में जानकारी दी जाएगी। एमबीबीएस में पहले वर्ष प्री-क्लिनिकल पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराई जाएगी। यह चरण दो सेमेस्टर तक चलेगा। इसमें एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री और फिजियोलॉजी विषय शामिल हैं।
छात्र9छात्राओं को दिया जाएगा तनावमुक्त वातावरण
छात्र-छात्राओं को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना चिकित्सा महाविद्यालय के लिए अहम है। हॉस्टल व आवासीय परिसर को बेहतर बनाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
विज्ञापन
- डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज, गोंडा
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज में ऑल इंडिया कोटे के बाद मंगलवार से राज्य कोटे की 85 सीटों पर प्रवेश शुरू हो गया। बुधवार तक 56 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया। अक्तूबर से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। पहले दो सप्ताह तक फाउंडेशन कक्षाएं चलेंगी। इसमें छात्र-छात्राओं को चिकित्सा शिक्षा के व्यावहारिक ज्ञान, गोंडा के परिवेश, हॉस्टल व अस्पताल के विषय में जानकारी दी जाएगी। एमबीबीएस में पहले वर्ष प्री-क्लिनिकल पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराई जाएगी। यह चरण दो सेमेस्टर तक चलेगा। इसमें एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री और फिजियोलॉजी विषय शामिल हैं।
विज्ञापन
छात्र9छात्राओं को दिया जाएगा तनावमुक्त वातावरण
छात्र-छात्राओं को तनावमुक्त वातावरण प्रदान करना चिकित्सा महाविद्यालय के लिए अहम है। हॉस्टल व आवासीय परिसर को बेहतर बनाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को कोई परेशानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
विज्ञापन
- डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज, गोंडा