{"_id":"9cbce96ab81506ba56f6f510fdabfa08","slug":"gives-birth-to-daughter-is-the-reason-of-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियों को जन्म देना बना मौत का कारण!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटियों को जन्म देना बना मौत का कारण!
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 22 Mar 2014 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक तरफ बेटियों को बचाने की जद्दोजेहद पूरे देश भर में चल रही है। वहीं एक मां का बेटी को जन्म देना इतना महंगा पड़ गया कि उसने अपने बच्चों के साथ ट्रेन से कट कर जान दे दी।
विज्ञापन
तीन लड़कियों को जन्म देना सुदेश (35) के लिए अभिशाप बन गया। ससुराल वालों के तानों और उत्पीड़न से तंग आकर वह इतनी आहत हुई कि तीनों बेटियों के साथ शुक्रवार को उज्जैनी एक्सप्रेस के आगे कूद गई। बदकिस्मती से सुदेश और दो बेटियों की मौत हो गई। तीसरी बेटी जिला अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है।
विज्ञापन
टपरी रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को तीन बेटियों के साथ ट्रेन के आगे कूदी महिला की पहचान नकुड़ क्षेत्र के भूरी बांस गांव निवासी राकेश कुमार की पत्नी सुदेश के रूप में हुई है। मां के साथ ट्रेन से कटी एक बेटी छोटी (6 माह) और दूसरी दीपाक्षी (11) थी। जिला अस्पताल में भर्ती घायल बेटी का नाम राधिका (5) है। पति राकेश ट्रक ड्राइवर है।
विज्ञापन
शनिवार को नागल क्षेत्र के खजूरवाला गांव निवासी मृतका के भाई मांगेराम और अन्य परिजनों ने समाचारपत्रों में खबर पढ़ने के बाद शवों की पहचान की। सुदेश की भाभी सुनीता का आरोप है कि पति और ससुराल वाले सुदेश को परेशान रखते थे। पति मारपीट करता था। सुदेश का दोष सिर्फ इतना था कि उसने तीन बच्चियों को जन्म दिया था। तीन लड़कियां होने पर उसे ताने दिए जाते थे। उन्हें तो लड़का चाहिए था।
ससुरालियों की प्रताड़ना से परेशान होकर सुदेश कई बार मायके में रही, लेकिन इस बार तो उसने कोई खबर तक नहीं दी। भाभी सुनीता और परिवार की अन्य महिलाओं का आरोप है कि बृहस्पतिवार को सुदेश को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। इसके बाद उसने मायके आने के बजाए ये खौफनाक कदम उठा लिया। उधर, मृतका के लेबर कॉलोनी निवासी ननदोई बीर सिंह का कहना है कि सुदेश ससुराल से बिना बताए चली आई थी। पहले भी वह इस तरह मायके आ जाती थी।
कार्रवाई पर अड़े मायके वाले
मृतका सुदेश के मायके वाले पति और ससुरालियों पर कार्रवाई कराने पर अड़े हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों ने सुलह समझौते के प्रयास किए, लेकिन मायके वालों ने कहा कि सुदेश को इतना प्रताड़ित किया गया कि वह बेटियों के साथ आत्महत्या करने जैसा कदम उठाने को मजबूर हो गई। वे लोग पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
मायके में किया अंतिम संस्कार
सहारनपुर। दोनों पक्षों के बीच कई घंटे तक चली वार्ता के बाद मृतका सुदेश और दोनों बेटियों के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद मायके वाले अंतिम संस्कार करने के लिए गांव खजूरवाला ले गए। उन्होंने ससुरालियों को शव सौंपने से साफ इनकार कर दिया।