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आखिर कहां से पकड़ा गया सोनू सिंह
अमर उजाला ब्यूरो/गाजीपुर
Updated Mon, 15 Feb 2016 12:42 AM IST
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क्राइम ब्रांच और नंदगंज थाने की पुलिस ने मठभेड़ में 50 हजार के इनामी बदमाश मनीष सिंह उर्फ सोनू को जिले की कमालपुर नहर पुलिया से गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस का दावा है कि सोनू और उसके तीन साथी दो बाइक पर सवार होकर जा रहे थे उसी समय उन्हें पकड़ा गया। जानकारों का कहना है कि गाजीपुर क्राइम ब्रांच ने उनको मिर्जापुर के चुनार कोतवाली क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर से पकड़ा था। बनारस पुलिस का कहना था कि बदमाशों को बनारस के डाफी इलाके से पकड़ा गया। हकीकत में कहां गिरफ्तारी हुई इस बारे में किए जा रहे सवालों से गाजीपुर पुलिस बचने की कोशिश कर रही है।
रविवार को पुलिस कार्यालय में एसपी राम किशोर ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी टीबी सिंह ने मुखबीर की सूचना के आधार पर नंदगंज थानाध्यक्ष राम सिंह के नेतृत्व में कमालपुर नहर पुल पर घेराबंदी की। जैसे ही दो बाइक पर सवार चार युवक आते दिखाई दिए पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन उन्होंने टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इससे घबराए बदमाशों की बाइक असंतुलित होकर गिर पड़ी और उन्हें पकड़ लिया गया। उन्होंने बदमाशों की किसी अन्य जगह से गिरफ्तारी की बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्हें कमालपुर पुलिया से ही पकड़ा गया है।
पकड़े गये बदमाशों में बनारस के नरोत्तमपुर निवासी मनीष सिंह उर्फ सोनू, गोवर्धनपुर निवासी अशोक यादव, सैदपुर कस्बे का रहने वाला मोहित वर्मा उर्फ रोहित और मिर्जापुर के चुनार थाने के शिवपुर निवासी बाबू बुलंद सिंह यादव शामिल हैं। उनके पास से दो पिस्टल, एक तमंचा, 12 कारतूस तथा दो खोखा के साथ दो बाइक बरामद की गई हैं। मनीष जुलाई 2015 में एसटीएफ के हाथों वाराणसी में मुठभेड़ में मारे गए शातिर बदमाश सनी सिंह गिरोह का शूटर और 50 हजार का इनामी है। उस पर हत्या, लूट, छिनैती समेत कई मामले वाराणसी, जौनपुर एवं आजमगढ़ के थानों में दर्ज हैं। मोहित वर्मा 2012 में सैदपुर में स्वर्ण व्यवसायी अजय एवं विजय बर्नवाल की हत्या और लूट में शामिल था जबकि 2013 में जिला कारागार गाजीपुर में जेल कर्मचारी पर हमले का भी आरोपी है। अशोक के ऊपर हत्या, लूट एवं चोरी के एक दर्जन मामले वाराणसी में दर्ज हैं। बदमाशों पर वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़ में कई संगीन मामले दर्ज हैं।
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पचास हजार के इनामी मनीष सिंह उर्फ सोनू को उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच के श्रीप्रकाश शुक्ल, अमित कुमार मिश्र, धनंजय सिंह, रामप्रताप सिंह, अजय जायसवाल, संजय प्रसाद, दिनेश यादव, हरेंद्र बहादुर सिंह और नंदगंज थाने के रमेश सरोज, आशीष सिंह तथा दिलेन्द्र तिवारी शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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रविवार को पुलिस कार्यालय में एसपी राम किशोर ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी टीबी सिंह ने मुखबीर की सूचना के आधार पर नंदगंज थानाध्यक्ष राम सिंह के नेतृत्व में कमालपुर नहर पुल पर घेराबंदी की। जैसे ही दो बाइक पर सवार चार युवक आते दिखाई दिए पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन उन्होंने टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। इससे घबराए बदमाशों की बाइक असंतुलित होकर गिर पड़ी और उन्हें पकड़ लिया गया। उन्होंने बदमाशों की किसी अन्य जगह से गिरफ्तारी की बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन्हें कमालपुर पुलिया से ही पकड़ा गया है।
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पकड़े गये बदमाशों में बनारस के नरोत्तमपुर निवासी मनीष सिंह उर्फ सोनू, गोवर्धनपुर निवासी अशोक यादव, सैदपुर कस्बे का रहने वाला मोहित वर्मा उर्फ रोहित और मिर्जापुर के चुनार थाने के शिवपुर निवासी बाबू बुलंद सिंह यादव शामिल हैं। उनके पास से दो पिस्टल, एक तमंचा, 12 कारतूस तथा दो खोखा के साथ दो बाइक बरामद की गई हैं। मनीष जुलाई 2015 में एसटीएफ के हाथों वाराणसी में मुठभेड़ में मारे गए शातिर बदमाश सनी सिंह गिरोह का शूटर और 50 हजार का इनामी है। उस पर हत्या, लूट, छिनैती समेत कई मामले वाराणसी, जौनपुर एवं आजमगढ़ के थानों में दर्ज हैं। मोहित वर्मा 2012 में सैदपुर में स्वर्ण व्यवसायी अजय एवं विजय बर्नवाल की हत्या और लूट में शामिल था जबकि 2013 में जिला कारागार गाजीपुर में जेल कर्मचारी पर हमले का भी आरोपी है। अशोक के ऊपर हत्या, लूट एवं चोरी के एक दर्जन मामले वाराणसी में दर्ज हैं। बदमाशों पर वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़ में कई संगीन मामले दर्ज हैं।
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पचास हजार के इनामी मनीष सिंह उर्फ सोनू को उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार करने वाली टीम में क्राइम ब्रांच के श्रीप्रकाश शुक्ल, अमित कुमार मिश्र, धनंजय सिंह, रामप्रताप सिंह, अजय जायसवाल, संजय प्रसाद, दिनेश यादव, हरेंद्र बहादुर सिंह और नंदगंज थाने के रमेश सरोज, आशीष सिंह तथा दिलेन्द्र तिवारी शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।