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बारिश से भींगी दीवार गिरी, वृद्ध की मौत
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मरदह। थाना क्षेत्र के सिगेंरा गांव में रविवार की देर शाम बारिश से भीगी कच्ची दीवार गिर गई। इसके मलबा में दबकर एक वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गया। मऊ में स्थित एक अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सिंरेगा गांव निवासी रामधारी राजभर का पुत्र सुखनंदन राजभर (65) रविवार की देर शाम घर से निकलकर सिवान की तरफ किसी कार्य के लिए जा रहा था। वह पट्टीदार पतिराम राजभर की कच्चे दीवार के बगल से गुजर रहा था। इसी बीच अचानक बारिश से भीगी दीवार उसके ऊपर गिर पड़ी, जिसके मलबा में दबकर वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी होते ही परिवार के साथ ही ग्रामीण मौके की तरफ दौड़ पड़े। आनन-फानन में मलबा हटाकर सुखनंदन को बाहर निकाला। तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरदह ले गए। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। परिजन मऊ में स्थित निजी अस्पताल में ले गए, जहां सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। परिवार के लोग शव लेकर घर आए और घटना की जानकारी कासिमाबाद एसडीएम मंसाराम वर्मा सहित स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से मृतक के पुत्र मोहन राजभर, बहू ज्ञानती देवी, पौत्र योगेंद्र राजभर, रविंद्र राजभर, वीरेंद्र राजभर रो-रोकर बेहाल थे। एसडीएम मंसाराम वर्मा ने बताया कि दैवीय आपदा प्रबंधन के माध्यम से मृतक परिवार को जल्द से जल्द मदद की जाएगी।
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सिंरेगा गांव निवासी रामधारी राजभर का पुत्र सुखनंदन राजभर (65) रविवार की देर शाम घर से निकलकर सिवान की तरफ किसी कार्य के लिए जा रहा था। वह पट्टीदार पतिराम राजभर की कच्चे दीवार के बगल से गुजर रहा था। इसी बीच अचानक बारिश से भीगी दीवार उसके ऊपर गिर पड़ी, जिसके मलबा में दबकर वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी होते ही परिवार के साथ ही ग्रामीण मौके की तरफ दौड़ पड़े। आनन-फानन में मलबा हटाकर सुखनंदन को बाहर निकाला। तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरदह ले गए। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। परिजन मऊ में स्थित निजी अस्पताल में ले गए, जहां सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। परिवार के लोग शव लेकर घर आए और घटना की जानकारी कासिमाबाद एसडीएम मंसाराम वर्मा सहित स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से मृतक के पुत्र मोहन राजभर, बहू ज्ञानती देवी, पौत्र योगेंद्र राजभर, रविंद्र राजभर, वीरेंद्र राजभर रो-रोकर बेहाल थे। एसडीएम मंसाराम वर्मा ने बताया कि दैवीय आपदा प्रबंधन के माध्यम से मृतक परिवार को जल्द से जल्द मदद की जाएगी।
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