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अबकी आंधी बन आई मुसीबत
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Tue, 28 Apr 2015 11:29 PM IST
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जिले में मंगलवार को आई तेज आंधी और बारिश ने एक बार फिर लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है। तेज हवा के झोंके से जहां कइयों के टीन शेड, बैनर, होर्डिगिं उड़कर दूर जा गिरे, वहीं शहर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में कई छोटे-बड़े पेड़ धराशायी हो गए।
शहर में करीब डेढ़ घंटे तक हुई धीमे और तेज बारिश से एक तरफ जहां आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं कई मार्गों के कीचड़ से पटने की वजह से लोगों को खूब फजीहत हुई। पिछले दो दिनों से जहां भूकंप को लेकर जिलेवासी परेशान थे, वहीं मंगलवार को आई आंधी-पानी ने एक बार फिर लोगों को प्रकृति के इस खेल के बारे में सोचने को विवश कर दिया।
ऊपर वाला लोगों को बार-बार अपने अनोखे खेल दिखा रहा है। मार्च और अप्रैल माह के शुरुआत में चार बार जबरदस्त बारिश हुई थी। इसकी वजह से गेहूं सहित अन्य फसल बर्बाद हो गई थी। प्रकृति की मार ने किसानों के कमर को पूरी तरह से तोड़ दिया था। जो फसल बची है, किसान उसकी मड़ाई करने में जुटे हुए है। दो दिनों में तीन बार भूकंप आने से जिले के लोग सहमे हुए थे।
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इसी क्रम में मंगलवार की सुबह ही आसमान में काले बादलों के डेरा छा गया। दिन में करीब 10:42 बजे तेज आंधी-पानी शुरू हो गई। तेज आवाज के साथ टीनशेड, बैनर और होर्डिगिं उड़कर इधर-उधर गिरने लगे। इससे मार्गों पर आवागमन कर रहे सहमे लोगों ने दूकानों और बारजों की शरण ली।
करीब डेढ़ घंटे तक धीमे और तेज बारिश का सिलसिला बना रहा। आंधी की वजह से शहर के टैक्सी स्टैंड मुहल्ले में विशालकाय यूकलिप्टस का पेड़ इमामबाड़ा में गिर पड़ा, जिससे दीवार सहित इमामबाड़े की गुम्बद क्षतिग्रस्त हो गई। महुआबाग में एक पेड़ की टहनी टूटकर गिर गई। इसके अलावा शहर सहित कई ग्रामीण में क्षेत्रों में छोटे-बड़े पेड़ धराशाई हो गए। कई मार्गों पर कीचड़ फैलने से आवागमन करने वालों को काफी परेशानी हुई।
बंद रही बिजली आपूर्ति
आंधी के दौरान खंभा और तार टूटकर गिरने से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। प्रकाशनगर उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ रामबचन ने बताया कि 10:42 पर आंधी शुरू होते ही सभी फीडरों की सप्लाई बंद कर दी गई। आंधी बंद होने पर एक घंटा बाद सभी फीडरों की आपूर्ति सुुचारु कर दी गई।
लेकिन पुलिस लाइन नंबर-1 की लाइन में कहीं फाल्ट होने की वजह से आपूर्ति शुरू करते ही लाइन ट्रिप कर जा रही है। लाइनमैन द्वारा फाल्ट को खोजने का कार्य किया जा रहा है। फाल्ट मिलते ही उसे ठीक कर आपूर्ति शुरु कर दी जाएगी। दिन में तीन बजे पर इस फीडर की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी थी। घंटों बत्ती गुल होने से लोगों को तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मड़ाई कर रहे किसान ने तोड़ा दम
भांवरकोल थाना क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में मंगलवार की दोपहर खलिहान में मड़ाई करते समय किसान गोरख यादव (50) गश खाकर गिर पड़े। परिवार के लोग उन्हें वीरपुर स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। जहां हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोग अभी किसान को जिला अस्पताल ले जाने की सोच ही रहे थे कि उनकी मौत हो गई। परिजन शव को लेकर घर चले गए।
उनके तीन पुत्र हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि फसल बर्बाद होने से वह पिछले कई दिनों से सदमे में थे। मंगलवार की सुबह आंधी और बारिश के चलते फसल को हुए नुकसान के सदमे से ही उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना प्रशासन को दे दी गई है।
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शहर में करीब डेढ़ घंटे तक हुई धीमे और तेज बारिश से एक तरफ जहां आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा, वहीं कई मार्गों के कीचड़ से पटने की वजह से लोगों को खूब फजीहत हुई। पिछले दो दिनों से जहां भूकंप को लेकर जिलेवासी परेशान थे, वहीं मंगलवार को आई आंधी-पानी ने एक बार फिर लोगों को प्रकृति के इस खेल के बारे में सोचने को विवश कर दिया।
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ऊपर वाला लोगों को बार-बार अपने अनोखे खेल दिखा रहा है। मार्च और अप्रैल माह के शुरुआत में चार बार जबरदस्त बारिश हुई थी। इसकी वजह से गेहूं सहित अन्य फसल बर्बाद हो गई थी। प्रकृति की मार ने किसानों के कमर को पूरी तरह से तोड़ दिया था। जो फसल बची है, किसान उसकी मड़ाई करने में जुटे हुए है। दो दिनों में तीन बार भूकंप आने से जिले के लोग सहमे हुए थे।
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इसी क्रम में मंगलवार की सुबह ही आसमान में काले बादलों के डेरा छा गया। दिन में करीब 10:42 बजे तेज आंधी-पानी शुरू हो गई। तेज आवाज के साथ टीनशेड, बैनर और होर्डिगिं उड़कर इधर-उधर गिरने लगे। इससे मार्गों पर आवागमन कर रहे सहमे लोगों ने दूकानों और बारजों की शरण ली।
करीब डेढ़ घंटे तक धीमे और तेज बारिश का सिलसिला बना रहा। आंधी की वजह से शहर के टैक्सी स्टैंड मुहल्ले में विशालकाय यूकलिप्टस का पेड़ इमामबाड़ा में गिर पड़ा, जिससे दीवार सहित इमामबाड़े की गुम्बद क्षतिग्रस्त हो गई। महुआबाग में एक पेड़ की टहनी टूटकर गिर गई। इसके अलावा शहर सहित कई ग्रामीण में क्षेत्रों में छोटे-बड़े पेड़ धराशाई हो गए। कई मार्गों पर कीचड़ फैलने से आवागमन करने वालों को काफी परेशानी हुई।
बंद रही बिजली आपूर्ति
आंधी के दौरान खंभा और तार टूटकर गिरने से किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई थी। प्रकाशनगर उपकेंद्र पर तैनात एसएसओ रामबचन ने बताया कि 10:42 पर आंधी शुरू होते ही सभी फीडरों की सप्लाई बंद कर दी गई। आंधी बंद होने पर एक घंटा बाद सभी फीडरों की आपूर्ति सुुचारु कर दी गई।
लेकिन पुलिस लाइन नंबर-1 की लाइन में कहीं फाल्ट होने की वजह से आपूर्ति शुरू करते ही लाइन ट्रिप कर जा रही है। लाइनमैन द्वारा फाल्ट को खोजने का कार्य किया जा रहा है। फाल्ट मिलते ही उसे ठीक कर आपूर्ति शुरु कर दी जाएगी। दिन में तीन बजे पर इस फीडर की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी थी। घंटों बत्ती गुल होने से लोगों को तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मड़ाई कर रहे किसान ने तोड़ा दम
भांवरकोल थाना क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में मंगलवार की दोपहर खलिहान में मड़ाई करते समय किसान गोरख यादव (50) गश खाकर गिर पड़े। परिवार के लोग उन्हें वीरपुर स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। जहां हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार के लोग अभी किसान को जिला अस्पताल ले जाने की सोच ही रहे थे कि उनकी मौत हो गई। परिजन शव को लेकर घर चले गए।
उनके तीन पुत्र हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि फसल बर्बाद होने से वह पिछले कई दिनों से सदमे में थे। मंगलवार की सुबह आंधी और बारिश के चलते फसल को हुए नुकसान के सदमे से ही उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना प्रशासन को दे दी गई है।