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तेरह दिन शेष, दस पंचायत भवनों का निर्माण अधूरा
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सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में रेवतीपुर ब्लाक 30 गांवों में नए पंचायत भवन निर्माण के चार करोड़ 80 लाख रुपये की धनराशि मिली थी। पंचायत भवनों का निर्माण 31 दिसंबर तक पूरा करना था। अब महज तेरह दिन शेष बचे हैं लेकिन अब तक दस पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है।
पंचायतों और जिम्मेदारों के इस उदासीनता के कारण शासन की ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार यह योजना मूर्त रूप लेती नहीं दिख रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के नए भवनों के उनके खुद के छत को लेकर जिस तरह से उदाउदासीनता बरती जा रह है, उसके चलते ग्राम पंचायतों को अधिकार संम्पन्न बनाने एवं एक ही छत के नीचे ग्रामीणों के विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की शासन की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। नए पंचायत भवन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें दो कमरा, एक हाल, चाहर दीवारी, शौचालय, पेयजल और बरामदें का निर्माण करीब 14 लाख 50 हजार रुपये, चार कमरा वाले भवनों का निर्माण 16 लाख 50 हजार और आठ कमरा वाले पंचायत भवन का निर्माण 19 लाख 99 हजार रुपये में पूर्ण होना है। इन भवनों का निर्माण अभी तक पूरा न होने से ग्रामीणों को अपने विभिन्न कामों को लेकर ब्लाक मुख्यालय अथवा जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से पंचायत भवनों के निर्माण को लेकर उदासीनता बरती जा रही है,उसमें निश्चित ही जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
ग्रामीणों को मिलेगी पूरी सुविधा
सुहवल। पंचायत भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद नवनिर्मित ग्राम सचिवालयों में ग्राम पंचायत सचिव, स्थानीय लेखपाल, कम्प्यूटर आपरेटर, बैंक सखी, ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सेवक, मनरेगा के कर्मचारी, स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े स्वच्छता गृही आदि की तैनाती रहेगी।
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पंचायत भवनों के निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहे हैं। प्रयास है कि माह के अंत तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। - सुरेंद्र बहादुर राणा, रेवतीपुर खंड विकास अधिकारी
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पंचायतों और जिम्मेदारों के इस उदासीनता के कारण शासन की ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार यह योजना मूर्त रूप लेती नहीं दिख रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के नए भवनों के उनके खुद के छत को लेकर जिस तरह से उदाउदासीनता बरती जा रह है, उसके चलते ग्राम पंचायतों को अधिकार संम्पन्न बनाने एवं एक ही छत के नीचे ग्रामीणों के विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की शासन की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। नए पंचायत भवन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें दो कमरा, एक हाल, चाहर दीवारी, शौचालय, पेयजल और बरामदें का निर्माण करीब 14 लाख 50 हजार रुपये, चार कमरा वाले भवनों का निर्माण 16 लाख 50 हजार और आठ कमरा वाले पंचायत भवन का निर्माण 19 लाख 99 हजार रुपये में पूर्ण होना है। इन भवनों का निर्माण अभी तक पूरा न होने से ग्रामीणों को अपने विभिन्न कामों को लेकर ब्लाक मुख्यालय अथवा जिला मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से पंचायत भवनों के निर्माण को लेकर उदासीनता बरती जा रही है,उसमें निश्चित ही जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
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ग्रामीणों को मिलेगी पूरी सुविधा
सुहवल। पंचायत भवनों का निर्माण पूरा होने के बाद नवनिर्मित ग्राम सचिवालयों में ग्राम पंचायत सचिव, स्थानीय लेखपाल, कम्प्यूटर आपरेटर, बैंक सखी, ग्राम विकास अधिकारी, रोजगार सेवक, मनरेगा के कर्मचारी, स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े स्वच्छता गृही आदि की तैनाती रहेगी।
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पंचायत भवनों के निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहे हैं। प्रयास है कि माह के अंत तक निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। - सुरेंद्र बहादुर राणा, रेवतीपुर खंड विकास अधिकारी