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यूरिया के लिए किसानों में मची हायतौबा
संवाददाता, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Wed, 07 Jan 2015 11:12 PM IST
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जिले में यूरिया को लेकर हायतौबा मची हुई है। लेकिन यूरिया कब और कहां मिलेगी, यह बताने को कोई तैयार नहीं है। कड़ाके की ठंड में यूरिया के लिए किसान खाक छान रहे हैं। ऐसे में कहीं यूरिया मिल भी रही है तो उसे लेने के लिए किसानों के बीच मारामारी मच जा रही है।
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मुहम्मदाबाद संवाददाता के अनुसार युसूफपुर बाजार स्थित सहकारी संघ पर यूरिया आने की खबर पर बुधवार को किसान घने कोहरे एवं ठंड में के बावजूद भोर से ही जमा हो गए। दस बजे तक सहकारी संघ पर सैकड़ों किसान जुट गए और लंबी लाइन लग गई। ऐसे में किसान बही दिखाकर एक-एक बोरी खाद बांटी गई।
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दोपहर तक लाइन में लगने के बाद भी सैकड़ों किसान बगैर खाद पाए वापस लौट गए। युसूफपुर संघ में साग-सब्जी एवं फल संरक्षण क्रय-विक्रय समिति की और से 337 बोरी खाद वितरित हुई। अब फिर खाद कब बंटेगी, कोई बताने वाला नहीं था। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता मुहम्मदाबाद जेपी त्रिपाठी ने कहा कि यूरिया की रैक आई हुई है। सभी समितियों पर यूरिया भेजी जा रही है।
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देवकली संवाददाता के अनुसार कई दिनों से यूरिया के लिए किसान सहकारी समितियों पर दौड़ भाग कर रहे हैं लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ आ रही है। यूरिया प्राइवेट दुकानों पर तो मिल रही है, लेकिन काफी महंगे दाम पर। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते खेतों में यूरिया नहीं डाली गई तो कोई लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें अगली सिंचाई का इंतजार करना पड़ेगा। ऐसे में पूरी फसल खराब होने का खतरा पैदा हो जाएगी।
बिरनो संवाददाता के अनुसार इस समय कई क्षेत्रों में जहां गेहूं की पहली सिंचाई हो गई है, वहीं कई जगहों पर हो रही है। ऐसे में हर तरफ यूरिया की मांग है, लेकिन समितियों पर यूरिया की किल्लत बनी हुई है।