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जयघोष के साथ भक्त महाहर धाम हुए रवाना
अमर उजाला ब्यूरो /गाजीपुर
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:01 PM IST
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जल भरने से पहले पूजन-अर्चन करतीं कांवरिया।
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सावन के तीसरे सोमवार को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए रविवार को शहर में कांवरियों का रेला उमड़ा। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से काफी संख्या में आए श्रद्धालु खासकर ददरीघाट पर पहुंचे। यहां गंगा स्नान के बाद कांवर में जल भरा। इसके बाद बोलबम का जयघोष करते पदयात्रा करते हुए जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर मरदह के महाहर धाम के लिए रवाना हुए। कांवरियों द्वारा किए जा रहे हर-हर महादेव के उद्घोष से लहुरी काशी गूंज उठी। सुरक्षा की दृष्टि से घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
सावन माह के तीसरे सोमवार को महाहर धाम में जलाभिषेक करने के लिए रविवार की दोपहर बाद से कांवरियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। जैसे-जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे कांवरियों की संख्या में वृद्धि होती गई। शाम पांच बजते-बजते शहर में चारों तरफ कांवरियों की ही भीड़ दिखाई देती रही।
ट्रैक्टर, जीप, टेंपो सहित अन्य वाहनों से भोले के भक्त यहां पहुंचे। इसके बाद मिश्रबाजार और ददरीघाट पर लगी दूकानों से पूजा सामग्रियों की खरीदारी की और गंगा घाट पर पहुंचे। भीड़ का आलम यह था कि ददरीघाट पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची थी। भक्तों ने गंगा स्नान के बाद पूजन-अर्चन किया। इसके बाद कांवर में जल भरकर भोले का जयघोष करते हुए महाहर धाम के लिए पदयात्रा करते हुए रवाना हुए।
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कांवरियों की भीड़ में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। छोटे-छोटे बच्चों के पैर भी बाबा के दरबार की तरफ तेजी से बढ़ते रहे। भक्त जिस रास्ते से गुजर रहे थे, उन रास्तों पर आवागमन करने वाले लोग कांवरियों के साथ बोल-बम का जयघोष कर रहे थे, जिससे आसपास का माहौल पूरी तरह शिवमय बना रहा। कई स्थानों पर स्वयंसेवी संगठनों की तरफ से भक्तों के लिए कैंप लगाकर नाश्ता-पानी के साथ ही दवा आदि की व्यवस्था की गई थी।
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सावन माह के तीसरे सोमवार को महाहर धाम में जलाभिषेक करने के लिए रविवार की दोपहर बाद से कांवरियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। जैसे-जैसे दिन ढलता गया, वैसे-वैसे कांवरियों की संख्या में वृद्धि होती गई। शाम पांच बजते-बजते शहर में चारों तरफ कांवरियों की ही भीड़ दिखाई देती रही।
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ट्रैक्टर, जीप, टेंपो सहित अन्य वाहनों से भोले के भक्त यहां पहुंचे। इसके बाद मिश्रबाजार और ददरीघाट पर लगी दूकानों से पूजा सामग्रियों की खरीदारी की और गंगा घाट पर पहुंचे। भीड़ का आलम यह था कि ददरीघाट पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची थी। भक्तों ने गंगा स्नान के बाद पूजन-अर्चन किया। इसके बाद कांवर में जल भरकर भोले का जयघोष करते हुए महाहर धाम के लिए पदयात्रा करते हुए रवाना हुए।
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कांवरियों की भीड़ में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। छोटे-छोटे बच्चों के पैर भी बाबा के दरबार की तरफ तेजी से बढ़ते रहे। भक्त जिस रास्ते से गुजर रहे थे, उन रास्तों पर आवागमन करने वाले लोग कांवरियों के साथ बोल-बम का जयघोष कर रहे थे, जिससे आसपास का माहौल पूरी तरह शिवमय बना रहा। कई स्थानों पर स्वयंसेवी संगठनों की तरफ से भक्तों के लिए कैंप लगाकर नाश्ता-पानी के साथ ही दवा आदि की व्यवस्था की गई थी।