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रसोइयों ने किया बीएसए दफ्तर का घेराव
ghazipur hindi news
Updated Tue, 28 Mar 2017 12:04 AM IST
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विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को रसोइयों ने विकास भवन स्थित बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइयों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर आयोजित सभा में पूर्व ब्लाक प्रमुख चंदा यादव ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग रसोइयों की परीक्षा न ले। अगर महिलाओं का सब्र टूटा तो उनका उत्पीड़न करने वाले अधिकारी चैन से नहीं रहेंगे।
उन्होंने कहा कि चार वर्ष से बकाया मानदेय का भुगतान करने, निष्कासित रसोइयों को काम पर रखने, मानदेय में कटौती बंद करने, मानदेय आठ हजार प्रति माह करने आदि मांगें पूरी न होने पर आज रसोइयों को कार्यालय का घेराव करने को विवश होना पड़ रहा है। रसोइयों को एक हजार रुपए मानदेय मिलता है। इतनी कम मजदूरी विश्व के किसी कोने में नहीं है। केंद्र सरकार से रसोइयों का वेतन प्रतिमाह आठ हजार करने की मांग करते हुए कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री से गुहार लगाई जाएगी। रसोइयां संघ की जिलाध्यक्ष सुगंती कुशवाहा ने कहा कि रसोइयों की प्रति वर्ष नियुक्ति करना ठीक नहीं है। इसके नाम पर महिला रसोइयों का उत्पीड़न-शोषण किया जाता है। एक ब्लाक के एबीएसए प्रधानाध्यापकों एवं पंचायतों से मिलकर बहुत से स्कूलों पर मिड-डे-मील नहीं बनवाते हैं और धन उगाही करते हैं जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है। सभा को रसोइयां संघ की महासचिव ललिता देवी, आशा, ऊषा, निर्मला, अतवारी, सोमारी, बिंदू, सावित्री, मीरा, दमयंती, सुमित्रा, अतवारी, कौशल्या, पूनम, कमली, रेखा, परवीन, मुन्नी, खातून नजमा ने विचार व्यक्त किया। संचालन उमरावती देवी ने किया। महिला रसोइया जुलूस की शक्ल में बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर पहुंची थी। सभा के अंत में मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
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उन्होंने कहा कि चार वर्ष से बकाया मानदेय का भुगतान करने, निष्कासित रसोइयों को काम पर रखने, मानदेय में कटौती बंद करने, मानदेय आठ हजार प्रति माह करने आदि मांगें पूरी न होने पर आज रसोइयों को कार्यालय का घेराव करने को विवश होना पड़ रहा है। रसोइयों को एक हजार रुपए मानदेय मिलता है। इतनी कम मजदूरी विश्व के किसी कोने में नहीं है। केंद्र सरकार से रसोइयों का वेतन प्रतिमाह आठ हजार करने की मांग करते हुए कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री से गुहार लगाई जाएगी। रसोइयां संघ की जिलाध्यक्ष सुगंती कुशवाहा ने कहा कि रसोइयों की प्रति वर्ष नियुक्ति करना ठीक नहीं है। इसके नाम पर महिला रसोइयों का उत्पीड़न-शोषण किया जाता है। एक ब्लाक के एबीएसए प्रधानाध्यापकों एवं पंचायतों से मिलकर बहुत से स्कूलों पर मिड-डे-मील नहीं बनवाते हैं और धन उगाही करते हैं जिसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जा चुकी है। सभा को रसोइयां संघ की महासचिव ललिता देवी, आशा, ऊषा, निर्मला, अतवारी, सोमारी, बिंदू, सावित्री, मीरा, दमयंती, सुमित्रा, अतवारी, कौशल्या, पूनम, कमली, रेखा, परवीन, मुन्नी, खातून नजमा ने विचार व्यक्त किया। संचालन उमरावती देवी ने किया। महिला रसोइया जुलूस की शक्ल में बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर पहुंची थी। सभा के अंत में मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।
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