सड़कों और बाजार में पसर जाता है सन्नाटा
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शहर के मिश्र बाजार, महुआबाग, लालदरवाजा, शीशनाथ तथा एमएएस इंटर कालेज के पास लगने वाला सब्जी बाजार में पूरा सन्नाटा रहा। आम दिनों में इन बाजारों में सुबह से ही चहल-पहल देखने को मिलती थी, पर कड़ाके की ठंढ के कारण बहुत कम लोग बाजारों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में सब्जी दूकानदारों के सामने भी समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में सब्जी और फलों के दामों में भी काफी कमी आई है।
लोगों का कहना है कि यह दिसंबर की शुरूआत है। अभी ठंड और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो सब्जी दूकानदारों के व्यवसाय पर काफी असर पड़ सकता है। नगर के दूकानदार राजेंद्र प्रसाद वर्मा, संजय वर्मा, कालीचरण, राकेश आदि का कहना है कि अब तक नोटबंदी ने व्यवसाय को प्रभावित किया था और अब ठंड के कारण धंधा चौपट हो रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवाओं का रुख बदलने के बाद ही सर्दी कम होगी। जनपद में सर्द भरी हवाओं ने शरीर में सिरहन पैदा कर दी है। लोगों की दिनचर्या गड़बड़ा गई है। ग्रामीण अंचलों में अलाव के सहारे लोगों ने दिन गुजारा। खेती की दृष्टि से इस तरह की सर्दी को कुछ फसलों के लिए नुकसानदायक तो कुछ के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
किसानों ने आशंका भी व्यक्त की है कि अगर पाला इसी तरह पड़ता रहा तो दलहनी फसल को भारी नुकसान हो सकता है। इसी के साथ चना, गेहूं और सरसों के लिए यह मौसम अभी तक लाभदायक है। कुछ किसानों का कहना है कि खेती के दृष्टि से सामान्य ठंडे का मौसम आगामी फरवरी तक बने रहना जरूरी है।